January 1, 2026

भारत ने चीन को आर्थिक मोर्चे पर दिया दोहरा झटका, स्टील और चावल में बड़ी बढ़त

भारत ने चीन को आर्थिक मोर्चे पर दिया...

नई दिल्ली, 1 जनवरी : भारत ने आर्थिक क्षेत्र में चीन को पीछे छोड़ते हुए एक साथ दो बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। एक तरफ जहां सरकार ने घरेलू उद्योग को मजबूती देने के लिए चीनी स्टील आयात पर कड़ा कदम उठाया है, वहीं दूसरी ओर भारत चावल उत्पादन में चीन को पछाड़कर दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच गया है। ये दोनों कदम भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में मजबूत होते कदमों को दर्शाते हैं।

चीनी स्टील पर 3 साल का टैरिफ

घरेलू इस्पात उद्योग को सस्ते और घटिया आयात से बचाने के लिए भारत सरकार ने चीन से आने वाले कुछ स्टील उत्पादों पर 3 साल के लिए टैरिफ लगाने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार, इन उत्पादों पर 11 से 12 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाया जाएगा, ताकि चीनी कंपनियां भारतीय बाजार में डंपिंग न कर सकें और भारत-चीन व्यापार घाटा कम हो सके।

यह ‘सुरक्षा शुल्क’ पहले साल 12 प्रतिशत, दूसरे साल 11.5 प्रतिशत और तीसरे साल 11 प्रतिशत की दर से लागू होगा। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य घरेलू उत्पादन को संरक्षण देना और भारतीय इस्पात उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाना है।

किन स्टील उत्पादों पर नहीं लगेगा टैरिफ

सरकारी आदेश के अनुसार, कुछ विकासशील देशों से होने वाले आयात को इस टैरिफ से छूट दी गई है, लेकिन चीन, वियतनाम और नेपाल पर यह शुल्क लागू रहेगा। वहीं, स्टेनलेस स्टील जैसे विशेष स्टील उत्पादों को इस टैरिफ के दायरे से बाहर रखा गया है। इससे पहले अप्रैल में सरकार ने 200 दिनों के लिए 12 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ भी लगाया था, जिससे यह साफ है कि सरकार इस मुद्दे पर लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है।

चावल उत्पादन में भारत बना ‘दुनिया का राजा’

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) ने इस टैरिफ की सिफारिश की थी। आदेश में कहा गया है कि अमेरिका द्वारा इस्पात पर आयात शुल्क बढ़ाने के बाद वैश्विक स्तर पर व्यापारिक तनाव बढ़ा है, जिसके चलते कई देशों ने चीनी स्टील पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई है। आर्थिक मोर्चे पर दूसरी बड़ी उपलब्धि कृषि क्षेत्र से आई है। लंबे समय से चावल उत्पादन में अग्रणी रहे चीन को पछाड़ते हुए भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है। वैश्विक चावल उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी अब 28 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

USDA की रिपोर्ट ने भी की पुष्टि

यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) की दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में चावल का उत्पादन बढ़कर 152 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जबकि चीन का उत्पादन 146 मिलियन मीट्रिक टन रहा। इसके साथ ही भारत आधिकारिक रूप से दुनिया में चावल उत्पादन में पहले स्थान पर पहुंच गया है।

स्टील पर टैरिफ और चावल उत्पादन में शीर्ष स्थान—ये दोनों उपलब्धियां भारत की औद्योगिक और कृषि ताकत का स्पष्ट प्रमाण हैं। इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती आर्थिक पकड़ भी और मजबूत होगी।

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