वाशिंगटन, 31 मई : हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने की चेतावनी दी, जिससे तनाव और बढ़ गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज ने ट्रम्प की धमकी को ‘रेड लाइन’ करार दिया और चेतावनी दी कि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। वर्तमान में, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता जारी है, जो दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।
एक ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका वास्तव में कूटनीतिक समाधान की तलाश में है, तो उसे धमकियों और प्रतिबंधों की भाषा को छोडऩा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी धमकियां ईरान के राष्ट्रीय हितों के प्रति एक स्पष्ट शत्रुता का संकेत हैं, जो बातचीत की प्रक्रिया को और अधिक जटिल बना सकती हैं।
ट्रम्प ने यह बात कही
ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘मैं चाहता हूं कि परमाणु समझौता इतना मजबूत हो कि हम निरीक्षकों के साथ जा सकें, जो चाहें उड़ा सकें, लेकिन कोई भी मारा न जाए।’ हम किसी भी प्रयोगशाला को उड़ा सकते हैं, भले ही उसमें कोई मौजूद न हो। ट्रम्प ने पहले भी कई बार चेतावनी दी है कि यदि कूटनीति विफल रही तो वह ईरान के परमाणु स्थलों पर बमबारी कर सकते हैं। यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दशकों से चल रहे विवाद का हिस्सा रहा है। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान के साथ समझौता ‘निकट भविष्य में’ संभव है।
सऊदी अरब ने ईरान को चेतावनी दी
कुछ समय पहले सऊदी अरब ने भी ईरान को चेतावनी दी थी। सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ बैठक के दौरान उन्हें चेतावनी दी कि वे ट्रम्प प्रशासन के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत को गंभीरता से लें अन्यथा इजरायल के साथ युद्ध के लिए तैयार रहें। दो खाड़ी सूत्रों और दो ईरानी अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

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