January 8, 2026

हरमन की टीम के लिए करो या मरो की लड़ाई, भारत का सामना न्यूजीलैंड से

हरमन की टीम के लिए करो या मरो की...

नई दिल्ली, 23 अक्तूबर : भारत अपनी पिछली तीन हार से सबक लेते हुए गुरुवार को महिला विश्व कप में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ क्वार्टर फ़ाइनल जैसा मैच जीतकर सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की करने की कोशिश करेगा। अगर हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम न्यूज़ीलैंड को उसके चिर-परिचित डीवाई पाटिल स्टेडियम के विकेट पर हरा देती है, तो वह सेमीफ़ाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली चौथी टीम बन जाएगी।

अगर वह पिछले तीन मैचों जैसी गलतियाँ दोहराता है, तो वह मुश्किल में फँस जाएगा। अगर भारत न्यूज़ीलैंड से हार जाता है, तो उसे दुआ करनी होगी कि इंग्लैंड न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अपने अगले मैच में जीत हासिल करे और फिर सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए बांग्लादेश के खिलाफ अपने आखिरी ग्रुप लीग मैच में जीत हासिल करे।

तीन टीमें क्वालीफाई

ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। भारत भी एक मजबूत दावेदार था, लेकिन लगातार तीन हार ने उसकी संभावनाओं को धूमिल कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका, दोनों ने ही भारत की गेंदबाजी की कमज़ोरियों को उजागर किया, लेकिन सबसे बड़ा झटका इंदौर में इंग्लैंड के खिलाफ लगा, जहाँ उसे 54 गेंदों पर 56 रनों की ज़रूरत थी, लेकिन वह लक्ष्य तक नहीं पहुँच सका।

भारत की समस्याएँ सिर्फ़ छठे गेंदबाज़ी विकल्प तक ही सीमित नहीं हैं। टीम घरेलू मैदान पर खेलने के दबाव से भी जूझ रही है। दबाव में भारत की कमज़ोरी और विशिष्ट कौशल की कमी कप्तान हरमनप्रीत और मुख्य कोच अमोल मजूमदार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अब तक, भारत का कोई भी शीर्ष बल्लेबाज़ मैच को पूरा करने के लिए ज़्यादा देर तक टिक नहीं पाया है।

गेंदबाजी में निरंतरता की कमी

टीम के गेंदबाजी प्रदर्शन में भी निरंतरता की कमी साफ़ दिखाई दे रही है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजी की धुरी रही हरमनप्रीत और शानदार फॉर्म में चल रही स्मृति मंधाना की अनुभवी जोड़ी को जिम्मेदारी निभानी होगी। अपनी गेंदबाजी को मजबूत करने के लिए भारत ने पिछले मैच में जेमिमा रोड्रिग्स को बाहर करके स्विंग गेंदबाजी विशेषज्ञ रेणुका ठाकुर को उतारा था, लेकिन यह रणनीति भी बेअसर साबित हुई।

हरलीन देओल पर दबाव

अगर भारत इसी संयोजन के साथ उतरता है, तो दबाव तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर रही हरलीन देओल पर होगा, जो अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाई हैं। यहाँ की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजी के लिए अनुकूल रही है, लेकिन पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों को दूसरी पारी में ओस से सावधान रहना होगा। सोफी डिवाइन और सूजी बेट्स की अनुभवी जोड़ी भारत के लिए कड़ी चुनौती पेश करेगी।