March 10, 2026

खैहरा को महिलाओं के अपमान पर तुरंत बर्खास्त किया जाए: हरपाल सिंह चीमा

खैहरा को महिलाओं के अपमान पर तुरंत...

चंडीगढ़, 10 मार्च : पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भुलत्थ से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा महिलाओं के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान से मांग की कि खैहरा को उनके इस निंदनीय बयान के लिए तुरंत पार्टी से निष्कासित किया जाए।

खैहरा के बयान पर विवाद

पंजाब विधानसभा की कार्यवाही के दौरान खैहरा ने ‘मावां धियां सत्कार योजना’ के तहत 1000 रुपये देने के फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस घोषणा का जश्न मनाने वाली महिलाएं बहादुरों को कैसे जन्म दे सकती हैं। उनके इस बयान पर सरकार की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि उस पंजाब की धरती पर, जहां गुरु नानक देव जी ने ‘सो क्यों मंदा आखिए, जितु जम्मे राजान’ का संदेश दिया, वहां की माताओं और बेटियों का इस तरह अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान समाज की मूल्यों और परंपराओं के खिलाफ है।

कांग्रेस नेतृत्व पर भी साधा निशाना

विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए चीमा ने कहा कि पंजाब कांग्रेस नेतृत्व अपनी भाषा और राजनीतिक समझ पर नियंत्रण खो चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी पहले ही प्रदेश नेतृत्व को अपने व्यवहार पर ध्यान देने की चेतावनी दे चुके हैं।

चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार की ‘मावां धियां सत्कार योजना’ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे उनकी वित्तीय स्वतंत्रता और सम्मान मजबूत होगा।

विपक्ष पर राजनीतिक हताशा का आरोप

वित्त मंत्री ने कहा कि खैहरा का बयान विपक्ष की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने महज चार वर्षों के भीतर अपनी कई प्रमुख गारंटियां पूरी कर दी हैं।

पंजाब विधानसभा में महिलाओं के अपमान की निंदा के लिए लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान चीमा ने सभी विधायकों से खैहरा के बयान के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन को स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि पंजाब की महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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