लुधियाना, 25 मार्च : नगर निगम के जनरल हाउस की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1258.80 करोड़ रुपये का बजट बिना किसी चर्चा के मात्र 3 मिनट में पास कर दिया गया। बैठक गुरु नानक देव भवन में आयोजित हुई थी, जहां शहर के विकास, पार्षदों के मानदेय और कर्मचारियों के वेतन से जुड़े प्रावधान शामिल थे। बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय गीत से हुई, जिसके बाद विपक्ष ने दिवंगत पूर्व पार्षद जੱਸा को श्रद्धांजलि देने की मांग की। मेयर इंदरजीत कौर ने 2 मिनट का मौन रखने का ऐलान किया। मौन समाप्त होते ही सचिव विवेक वर्मा ने बजट पढ़ना शुरू किया।
विपक्ष को बोलने का मौका नहीं मिला
विपक्षी पार्षद अपने सुझाव या आपत्तियां रख पाते, उससे पहले ही मेयर ने बजट पास होने का ऐलान कर बैठक समाप्त कर दी। इसके बाद मेयर, कमिश्नर और अन्य अधिकारी हॉल से बाहर चले गए। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए गुरु नानक भवन के बाहर नारेबाजी की। विपक्ष का आरोप है कि बिना बहुमत साबित किए ही बजट पास कर दिया गया।
‘लोकतंत्र का गला घोंटा गया’ – विपक्ष
विपक्षी पार्षदों ने इसे लोकतंत्र का अपमान बताते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब बजट पर चर्चा का मौका तक नहीं दिया गया। उनका कहना है कि सत्ता पक्ष आंकड़ों पर आधारित बजट को लेकर घिरने से बचना चाहता था। मेयर इंदरजीत कौर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक दिन पहले ऑल पार्टी मीटिंग में करीब ढाई घंटे तक बजट पर विस्तृत चर्चा हो चुकी थी और सभी सवालों के जवाब दिए गए थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष हंगामा करना चाहता था, जिसे रोका गया।
बैठक का माहौल रहा तनावपूर्ण
बैठक के दौरान हालात ऐसे रहे कि पार्षदों के लिए रखे गए चाय-नाश्ते तक पहुंचने से पहले ही मीटिंग खत्म हो गई। हाउस में हंगामे के बीच ही बजट और एजेंडा पास कर दिया गया।
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