चंडीगढ़, 12 अप्रैल : पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई ‘एम-स्टार (m-Star)’ ऐप अब शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिससे छात्रों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि वे ऐप की ट्रेनिंग और तकनीकी प्रक्रियाओं में ही उलझ कर रह गए हैं। इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है, क्योंकि कक्षा में पढ़ाने का समय कम हो रहा है।
ऑनलाइन हाजिरी बनी बड़ी चुनौती
गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन (जीटीयू) पंजाब ने इस मुद्दे पर कड़ा विरोध जताया है। यूनियन के मुताबिक ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि शिक्षकों का मुख्य कार्य पढ़ाना पीछे छूट रहा है। सरकारी स्कूलों में कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण ‘एम-स्टार’ ऐप पर हाजिरी लगाना मुश्किल हो गया है। शिक्षकों को इसमें काफी समय लगाना पड़ता है, जिससे पढ़ाई के घंटे प्रभावित हो रहे हैं।
मानसिक दबाव की शिकायत
शिक्षकों ने सवाल उठाया है कि जब वे समय पर स्कूल में मौजूद रहते हैं, तो जटिल ऐप के जरिए उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि तकनीकी झंझटों से बाहर निकालकर उन्हें पढ़ाने पर ध्यान देने दिया जाए। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में सरकार द्वारा स्कूलों को बजट जारी करने में देरी हुई। 9 अप्रैल की रात को बजट जारी होने के कारण शिक्षकों के वेतन में देरी हो गई। इसके बाद स्थिति संभालने के लिए शिक्षकों की शनिवार और रविवार की छुट्टियां भी रद्द कर दी गईं।
जिला शिक्षा अधिकारियों ने निर्देश जारी कर छुट्टी वाले दिनों में भी बिल तैयार कर खजाना कार्यालय में जमा कराने को कहा। जिन स्कूलों में क्लर्क नहीं हैं, वहां भी काम में देरी पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
यूनियन की मांग ऐप की सख्ती वापस ली जाए
शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि ‘एम-स्टार’ ऐप की सख्ती तुरंत खत्म की जाए, ताकि स्कूलों का माहौल पढ़ाई के अनुकूल बन सके। अब यह देखना बाकी है कि ऐसी ऐप्स वास्तव में शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाती हैं या सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाती हैं, जिससे शिक्षक, छात्र और अभिभावक सभी प्रभावित होते हैं।

More Stories
भिवानी की प्रिया घनघस ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक
चंडीगढ़ में गैंगस्टरों के बढ़ते हौसलों पर बोले Ravneet Singh Bittu
राज्यपाल से रवनीत बिट्टू की मुलाकात, कहा पंजाब में बढ़ता क्राईम चिंता का विषय