दुबई, 6 नवम्बर : भारत से दक्षिण अफ्रीका जा रहे एक विमान को गुरुवार को सोमालिया के तट के पास बंदूकधारियों ने अगवा कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों ने मशीनगनों और रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) से विमान पर गोलीबारी की।
यह घटना संभवतः इस क्षेत्र में पुनः सक्रिय हुए सोमाली समुद्री डाकुओं द्वारा किया गया नवीनतम हमला है। ब्रिटिश सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) केंद्र ने तुरंत इस हमले के बारे में क्षेत्र में मौजूद जहाजों को चेतावनी जारी कर दी।
भारत से डरबन जा रहे टैंकर को निशाना बनाया गया
निजी सुरक्षा फर्म एम्ब्रे ने भी हमले की सूचना दी है। उसने बताया कि यह हमला भारत के सिक्का से दक्षिण अफ्रीका के डरबन जा रहे एक माल्टीज़ ध्वज वाले टैंकर को निशाना बनाकर किया गया। एम्ब्रे ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह सोमाली समुद्री डाकुओं का हमला था, जिनके हाल के दिनों में इस क्षेत्र में सक्रिय होने की सूचना मिली है। समुद्री डाकुओं ने कथित तौर पर एक ईरानी मछली पकड़ने वाली नाव को भी अपने संचालन केंद्र के रूप में इस्तेमाल करने के लिए ज़ब्त कर लिया है (हालाँकि ईरान ने इस ज़ब्ती को स्वीकार नहीं किया है)।
हौथी विद्रोहियों की असुरक्षा के कारण बढ़ते खतरे
सोमालिया के तट पर समुद्री डकैती 2011 में चरम पर थी, जब 237 हमले दर्ज किए गए थे। उस समय, इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को अनुमानित 7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। अंतर्राष्ट्रीय नौसैनिक गश्त और सोमालिया में एक मज़बूत केंद्रीय सरकार के प्रयासों से इस खतरे को कम किया गया है।
हालाँकि, पिछले साल से सोमाली समुद्री डाकुओं के हमलों की गति फिर से बढ़ गई है। इसका एक कारण इज़राइल-हमास युद्ध के बाद लाल सागर गलियारे में यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा किए गए हमलों से उत्पन्न असुरक्षा है। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री ब्यूरो (IMB) के अनुसार, 2024 में अब तक सोमालिया के तट पर सात घटनाएँ दर्ज की गई हैं, और इस वर्ष सोमाली समुद्री डाकुओं ने कई मछली पकड़ने वाली नावें भी जब्त की हैं।
यह भी देखें : ममदानी मेरे साथ अच्छा व्यवहार रखेंगे तो अच्छा होगा : ट्रंप

More Stories
अमेरिका का ‘Breath’, जिसने Mission Venezuela को बनाया कामयाब
बांगलादेश : 35 दिनों में 11 हिंदुओं की हत्या, अब दुकानदार कत्ल
ग्रीनलैंड पर कब्जे की टिप्पणी के बाद ट्रंप के खिलाफ एकजुट हुए यूरोपिय देश