April 3, 2026

‘मेक इन इंडिया’ रक्षा निर्यात ने बनाया नया रिकॉर्ड, 38 हजार करोड़ पार

‘मेक इन इंडिया’ रक्षा निर्यात ने बनाया नया...

नई दिल्ली, 3 अप्रैल : भारत ने रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में हथियारों और रक्षा प्रणालियों का निर्यात 38,424 करोड़ रुपये (लगभग 4.11 अरब डॉलर) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है।

62% से ज्यादा की जबरदस्त वृद्धि

Ministry of Defence द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रक्षा निर्यात में 62.66% की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 23,622 करोड़ रुपये था। इस उपलब्धि में रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (DPSUs) और निजी कंपनियों दोनों की अहम भूमिका रही।

  • सार्वजनिक उपक्रमों की हिस्सेदारी: 54.84%
  • निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी: 45.16%

पब्लिक सेक्टर का निर्यात 151% बढ़कर 8,389 करोड़ से 21,071 करोड़ रुपये हो गया, जबकि निजी क्षेत्र का निर्यात 14% बढ़कर 17,353 करोड़ रुपये पहुंच गया।

5 साल में तीन गुना बढ़ा निर्यात

पिछले पांच वर्षों में भारत का रक्षा निर्यात लगभग तीन गुना हो चुका है, जो देश को एक उभरते हुए वैश्विक रक्षा निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। भारत अब कई आधुनिक रक्षा प्रणालियों का निर्यात कर रहा है, जिनमें शामिल हैं: BrahMos missile, Pinaka rocket system, Akash missile system, रडार, ड्रोन, Dornier 228 और आधुनिक तोपखाना सिस्टम।

अंतरराष्ट्रीय सौदों से मिली मजबूती

Armenia ने आकाश और पिनाका सिस्टम के लिए करीब 2 अरब डॉलर का सौदा किया है। वहीं Vietnam ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की प्रक्रिया में है, जबकि Philippines और Indonesia पहले ही इसमें रुचि दिखा चुके हैं। भारत का बढ़ता रक्षा निर्यात न सिर्फ आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि यह देश की वैश्विक रणनीतिक स्थिति को भी मजबूत कर रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा क्षेत्र में यह उपलब्धि भारत को विश्व के प्रमुख रक्षा निर्यातकों की श्रेणी में तेजी से आगे बढ़ा रही है।

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