नई दिल्ली, 15 मार्च : सोशल मीडिया कंपनी Meta Platforms एक बार फिर यूज़र प्राइवेसी को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने फैसला किया है कि वह Instagram के डायरेक्ट मैसेज (DMs) में उपलब्ध ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ (E2EE) फीचर को बंद कर देगी। 8 मई 2026 से यह अतिरिक्त सुरक्षा परत, जो चैट को निजी बनाए रखती थी, हटा दी जाएगी।
‘सिक्योर चैट्स’ विकल्प भी होगा खत्म
अगर किसी यूज़र ने इंस्टाग्राम पर ‘Secure Chats’ का विकल्प इस्तेमाल किया है, तो उसके लिए यह बदलाव अहम होगा। इस फीचर के जरिए मैसेज पूरी तरह एन्क्रिप्टेड रहते थे और केवल भेजने वाला और पाने वाला ही उन्हें पढ़ सकता था। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि मेटा की ही दूसरी मैसेजिंग सेवा WhatsApp को एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग के मामले में ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’ माना जाता है।
कंपनी ने बताई फीचर हटाने की वजह
मेटा के अनुसार इस फीचर को बंद करने का मुख्य कारण इसकी बहुत कम उपयोगिता है। कंपनी का कहना है कि इंस्टाग्राम पर एन्क्रिप्शन कभी भी डिफॉल्ट सेटिंग नहीं था, इसलिए बहुत कम लोग इसे खोजकर इस्तेमाल करते थे।
मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा, “बहुत कम लोग DMs में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग का विकल्प चुन रहे थे, इसलिए आने वाले महीनों में हम इसे इंस्टाग्राम से हटा रहे हैं। जो यूज़र एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग जारी रखना चाहते हैं, वे आसानी से व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।”
पर्दे के पीछे सुरक्षा बनाम प्राइवेसी की बहस
विशेषज्ञों के अनुसार ‘कम उपयोग’ का तर्क पूरी कहानी नहीं हो सकता, क्योंकि यह फीचर मेन्यू में काफी अंदर छिपा हुआ था और अधिकांश यूज़र्स को इसके बारे में जानकारी ही नहीं थी।
दरअसल कई सालों से कानून प्रवर्तन एजेंसियां और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े संगठन मेटा पर दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि मजबूत एन्क्रिप्शन के कारण अपराधियों के लिए अपनी गतिविधियों को छिपाना आसान हो जाता है। हाल के कुछ कानूनी मामलों में भी यह सामने आया है कि कंपनी के अंदर प्राइवेसी और सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर बहस चल रही थी।
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