नई दिल्ली, 9 मार्च : ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के पद संभालते ही ईरान ने इजराइल पर मिसाइलों से हमला कर दिया। स्टेट ब्रॉडकास्टर IRIB के अनुसार, नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति के बाद सोमवार को ईरान ने इजराइल की ओर मिसाइलों की एक और बौछार की।
IRIB ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में “कब्जे वाले इलाकों” की ओर मिसाइलों की पहली लहर दागी गई है।
कौन हैं मोजतबा खामेनेई?
मोजतबा खामेनेई का जन्म 8 सितंबर 1969 को ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में हुआ था, जो एक प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। वह अयातुल्ला अली खामेनेई के छह बच्चों में से एक हैं, जिन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान के सुप्रीम लीडर के रूप में काम किया। मोजतबा ने धीरे-धीरे राजनीतिक और धार्मिक संस्थानों में अपना प्रभाव बढ़ाया।
सरकारी कार्यक्रमों में उनकी कम मौजूदगी और मीडिया से दूरी के कारण कई वर्षों तक उनके पर्दे के पीछे प्रभाव को लेकर अटकलें लगती रहीं। 56 वर्ष की उम्र में वह 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ द्वारा चुने गए दूसरे सुप्रीम लीडर बन गए हैं।
ईरान के धार्मिक तंत्र में शिक्षा
मोजतबा खामेनेई ने पवित्र शहर क़ोम में इस्लामी थियोलॉजी की पढ़ाई की, जो ईरान में शिया धार्मिक विद्वता का प्रमुख केंद्र है। बाद में उन्होंने वहीं धार्मिक शिक्षा भी दी और ‘हुज्जत-अल-इस्लाम’ का धार्मिक दर्जा हासिल किया, जो उनके पिता के ‘अयातुल्ला’ पद से एक स्तर नीचे का माना जाता है। उनका पादरी होना और परिवार का ‘सैयद’ वंश से होना जिसे पैगंबर मोहम्मद का वंशज माना जाता है ईरान के धार्मिक समाज में उनकी प्रतिष्ठा को मजबूत करता है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से करीबी संबंध
मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से ईरान की शक्तिशाली सुरक्षा व्यवस्था, खासकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ करीबी संबंध रखने वाला माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इसी समर्थन ने उन्हें ईरान की सत्ता संरचना में मजबूत स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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