लुधियाना, 23 अक्तूबर : लुधियाना महानगर में कूड़े के निपटान को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में चल रही सुनवाई में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना अगली सुनवाई से पहले एनजीटी बार एसोसिएशन के सचिव के पास जमा कराने को कहा गया है।
इस बीच, एनजीटी ने पीपीसीबी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिस दिन से कूड़ा डाला जा रहा है, उस दिन से उस जगह पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति रिपोर्ट तैयार करके जमा करें जहाँ कूड़े का निपटान नहीं हो रहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी, 2026 को होगी।
कूड़े का सही ढंग से निपटारा नहीं हो रहा
शहर निवासी इंजीनियर कपिल अरोड़ा और कुलदीप खैरा ने वर्ष 2023 में एनजीटी को शिकायत दी थी कि गांव गिल के तालाब में कूड़ा भर जाने के कारण हंबड़ा रोड, बचन सिंह मार्ग, मॉडल टाउन एक्सटेंशन, ग्यासपुरा फ्लैट के पीछे, जीटी रोड और बहादुरके रोड के कूड़े का निपटारा नहीं हो रहा है। निगम ने इस मामले में तरह-तरह के बहाने बनाए।
आखिरकार एनजीटी ने वर्ष 2023 में कोर्ट ऑफ कमिश्नर्स नियुक्त किया जिसने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कूड़े का सही ढंग से निपटारा नहीं हो रहा है। इस संबंध में पीपीसीबी ने कोई जवाब नहीं दिया। एनजीटी ने पीपीसीबी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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