चंडीगढ़, 10 जनवरी : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने विदेशी तर्ज पर ‘पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026’ को स्वीकृति दे दी है, जिससे राज्य में डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी खोलने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही लहरागागा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने को भी हरी झंडी दे दी गई है।
डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026 को मंजूरी
मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज नीति-2026 का उद्देश्य ऑनलाइन और ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कार्यक्रमों के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है। इसके तहत विद्यार्थी घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से पूरी डिग्री प्राप्त कर सकेंगे और ये डिग्रियां कानूनी रूप से मान्य होंगी। इन यूनिवर्सिटीज की स्थापना के लिए कम से कम 2.5 एकड़ भूमि, डिजिटल कंटेंट स्टूडियो, कंट्रोल रूम, सर्वर रूम और संचालन केंद्र, अत्याधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे की अनिवार्यता होगी।
लहरागागा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना
मंत्रिमंडल ने बाबा हीरा सिंह भट्टल टेक्निकल कॉलेज, लहरागागा को मेडिकल कॉलेज में बदलने का फैसला लिया है। पुराने कॉलेज के स्टाफ को एडजस्ट किया जाएगा।
इसके साथ ही जैन समुदाय द्वारा अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए कॉलेज परिसर स्थित 19 एकड़ 4 कनाल भूमि को नाममात्र लीज दरों पर जैन सोसाइटी को देने की मंजूरी दी गई है।
50 एमबीबीएस सीटें, 220 बिस्तरों वाला अस्पताल
इस मेडिकल कॉलेज में न्यूनतम 220 बिस्तरों वाला अस्पताल, 50 एमबीबीएस सीटों की प्रवेश क्षमता होगी। छात्रों का दाखिला और सीटों का आवंटन राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत आवंटित/नीलाम किए गए प्लॉटों के लिए एमनेस्टी नीति-2025 को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब आवंटी को नीति की स्वीकृति के तीन महीने के भीतर संबंधित विकास प्राधिकरण के पास आवश्यक राशि जमा कराने की सुविधा मिलेगी।
गमाडा की संपत्तियां 22.50% कम आरक्षित मूल्य पर होंगी नीलाम
कैबिनेट ने गमाडा की उन संपत्तियों को 22.50 प्रतिशत कम आरक्षित मूल्य पर नीलाम करने का भी फैसला किया है, जिनके लिए अब तक कोई खरीदार सामने नहीं आ रहा था पंजाब मंत्रिमंडल ने सतलुज नदी से गाद निकालने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को मंजूरी दे दी है। एनएचएआई 3 रुपये प्रति क्यूबिक फुट की दर से मिट्टी निकालेगा। यह मंजूरी उन साइटों के लिए दी गई है, जहां डीसिल्टिंग के लिए कोई ठेकेदार रुचि नहीं दिखा रहा था। सरकार का लक्ष्य 1 जुलाई से पहले नदियों की सफाई का कार्य पूरा करना है।
30 जून 2026 तक गाद निकालने की अनुमति
मंत्रिमंडल ने एनएचएआई या उसके ठेकेदारों को 30 जून 2026 तक सतलुज नदी से गाद निकालने की अनुमति दी है। एनएचएआई ने लुधियाना-रोपड़ मार्ग परियोजना में मिट्टी की कमी के कारण काम अटके होने की जानकारी सरकार को दी थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। इन फैसलों को शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के लिहाज से पंजाब के लिए बड़े सुधारात्मक कदम माना जा रहा है।
यह भी देखें : हानिकारक रसायन मिलने पर यहां लगा खांसी की दवा पर प्रतिबंध

More Stories
हानिकारक रसायन मिलने पर यहां लगा खांसी की दवा पर प्रतिबंध
पंजाब आएंगे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत स्कूल-आधारित एक्शन प्रोग्राम लागू