January 15, 2026

पूर्व विधायकों की पेंशन में लगातार बढ़ोतरी, बजुर्गों की पेंशन वृद्धि वादे को भूली ‘आप’

पूर्व विधायकों की पेंशन में लगातार बढ़ोतरी...

चंडीगढ़, 15 जनवरी : पंजाब में पूर्व विधायकों की पेंशन जहां तेज़ रफ्तार से बढ़ती रही है, वहीं बुज़ुर्गों को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन पर मानो ब्रेक लगा हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक 1977 से अब तक पूर्व विधायकों की पेंशन में 283 गुना बढ़ोतरी हुई है, जबकि इसी अवधि में बुज़ुर्गों की पेंशन सिर्फ़ 30 गुना ही बढ़ पाई है।

‘आप’ सरकार का वादा अब तक अधूरा

आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान वृद्धावस्था पेंशन को 1500 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिमाह करने का वादा किया था, लेकिन यह वादा अब तक ज़मीन पर नहीं उतर सका है। इस समय पंजाब में 23.39 लाख बुज़ुर्ग वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं।

पूर्व विधायकों को पेंशन देने के लिए वर्ष 1977 में पंजाब स्टेट लेजिस्लेचर मेंबर्स (पेंशन एंड मेडिकल फैसिलिटीज़ रेगुलेशन) एक्ट बनाया गया था। 1 मई 1977 को पहली बार पूर्व विधायकों को 300 रुपये प्रतिमाह मूल पेंशन मिलनी शुरू हुई थी। समय-समय पर हुए संशोधनों और महंगाई भत्ते (डीए) के साथ अब यह पेंशन करीब 85 हजार रुपये प्रतिमाह हो चुकी है। अब तक पूर्व विधायकों की पेंशन में 10 बार बढ़ोतरी की जा चुकी है।

बुज़ुर्गों की पेंशन: धीमी रफ्तार से बढ़ोतरी

1977 में बुज़ुर्गों को 50 रुपये प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी, जो अब बढ़कर 1500 रुपये हुई है।
इतिहास पर नज़र डालें तो:

  • 1964 में पेंशन: 15 रुपये
  • 1968 में: 25 रुपये
  • 1973 में: 50 रुपये
  • 1990 में: 100 रुपये
  • 1992 में: 150 रुपये
  • 1995 में: 200 रुपये
  • 2006 में: 250 रुपये

इसके मुकाबले हरियाणा में इस समय बुज़ुर्गों को 3000 रुपये और आंध्र प्रदेश में 4000 रुपये प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही है।

‘एक विधायक–एक पेंशन’ और कानूनी चुनौती

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 11 अगस्त 2022 को ‘एक विधायक–एक पेंशन’ योजना लागू की थी। इससे पहले पूर्व विधायकों को हर कार्यकाल के हिसाब से 10 हजार रुपये अतिरिक्त पेंशन मिलती थी, जिससे उनकी कुल पेंशन अपने आप बढ़ती जाती थी। हालांकि, कई पूर्व विधायकों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई है। वर्तमान में सांसदों को 31 हजार रुपये प्रतिमाह मूल पेंशन मिलती है। यदि कोई सांसद पांच साल से अधिक समय तक सांसद रहता है तो हर अतिरिक्त वर्ष पर 2500 रुपये की बढ़ोतरी होती है।

  • 2009 में पेंशन: 20 हजार रुपये
  • 2018 में बढ़कर: 25 हजार रुपये
  • 21 मार्च 2025 से: 31 हजार रुपये प्रतिमाह

बुज़ुर्गों का दर्द, नेताओं पर सवाल

पिछले वर्षों में वृद्धावस्था पेंशन की कई बार जांच हुई है और अयोग्य लाभार्थियों से वसूली भी की गई। बुज़ुर्गों का आरोप है कि उनकी मामूली पेंशन को लेकर बार-बार शोर मचाया जाता है, लेकिन नेताओं की मोटी पेंशन पर कभी खुलकर चर्चा नहीं होती।

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