नई दिल्ली, 7 फरवरी : भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के लिए एक फ्रेमवर्क पेश किया गया है। यह दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापक व्यापार समझौते का अहम हिस्सा है। इस मुद्दे पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह डील भविष्य को ध्यान में रखकर की गई है और इसमें किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है।
उन्होंने कहा कि इस समझौते से देश में उत्साह का माहौल है और आज का दिन ऐतिहासिक है। पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्ती का परिणाम है।
“आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा”
केंद्रीय मंत्री ने कहा,
“2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में भारत की यात्रा में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए और दोनों देशों के आपसी संबंधों, कूटनीतिक रिश्तों और नेताओं की दोस्ती को देखते हुए फरवरी 2025 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा शुरू हुई थी। इसका लक्ष्य भारत और अमेरिका के बीच सालाना 500 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करना है।”
उन्होंने आगे कहा,
“उस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। पूरे देश में खुशी की लहर है। हर क्षेत्र में भविष्य को लेकर जबरदस्त उत्साह है। आने वाले समय में नए अवसर खुलते दिखाई दे रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था — लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर की अमेरिकी अर्थव्यवस्था — अब हमारे निर्यातकों को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (Most Favoured Nation) का दर्जा देगी।”
इन वस्तुओं पर लगेगी ज़ीरो ड्यूटी
पीयूष गोयल ने बताया, “कई ऐसे उत्पाद हैं जिन पर अमेरिका को निर्यात करते समय अब ज़ीरो ड्यूटी लगेगी। उदाहरण के तौर पर रत्न और हीरे (Gems and Diamonds) पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। भारत से बड़ी मात्रा में निर्यात होने वाले फार्मास्युटिकल उत्पादों पर भी ज़ीरो ड्यूटी होगी। स्मार्टफोन, जो भारत से बड़ी संख्या में अमेरिका भेजे जाते हैं, उन पर भी ज़ीरो ड्यूटी जारी रहेगी। भविष्य में और भी कई उत्पाद इस श्रेणी में शामिल होंगे।”
भारत अमेरिका को किन चीज़ों का निर्यात करेगा?
वाणिज्य मंत्री ने कहा, “कृषि क्षेत्र में भी कई ऐसे उत्पाद हैं जिन्हें भारत से अमेरिका निर्यात किया जाएगा और उन पर ‘ज़ीरो रेसिप्रोकल टैरिफ’ यानी अतिरिक्त शुल्क बिल्कुल नहीं लगेगा। इनमें मसाले, चाय, कॉफी और उनसे बने उत्पाद, नारियल और नारियल तेल, वेजिटेबल वैक्स, सुपारी, ब्राज़ील नट, काजू और चेस्टनट शामिल हैं। इसके अलावा कई फल और सब्ज़ियाँ भी इस समझौते का हिस्सा होंगी।”

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