चंडीगढ़, 6 मार्च : पंजाब के लोगों को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक व्यापक राज्यव्यापी अभियान शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विशेष मुहिम चलाने की घोषणा की।
1 से 15 अप्रैल तक चलेगा विशेष अभियान
स्वास्थ्य मंत्री ने फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन को निर्देश दिए कि 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक “फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स” वैनों के माध्यम से पूरे राज्य में खाद्य पदार्थों में मिलावट की व्यापक जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल वैनें मिलावट के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण साधन हैं और खाद्य कारोबार से जुड़े सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) तथा आम लोगों को इस दौरान अपने खाद्य नमूनों की जांच करवानी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भोजन सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।
“फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स” से मौके पर जांच
“फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स” मोबाइल फूड टेस्टिंग वैनें आधुनिक उपकरणों से लैस हैं। इनके माध्यम से दूध, घी, पनीर, पानी, मसाले, फूड सप्लीमेंट, मिठाइयां, फल-सब्जियां और अन्य रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं में मिलावट की जांच मौके पर ही की जा सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने रासायनिक अवशेषों और दूषित तत्वों की जांच के लिए समयबद्ध कार्य योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत:
- औद्योगिक क्षेत्रों और नालों के आसपास उगाई जाने वाली सब्जियों में भारी धातुओं और कीटनाशकों की जांच
- न्यूट्रास्यूटिकल्स की व्यापक गुणवत्ता जांच
- पोल्ट्री, अंडे और मांस में एंटीबायोटिक अवशेषों का पता लगाने के लिए विशेष अध्ययन
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इन अध्ययनों से प्राप्त आंकड़े भविष्य में नीतिगत निर्णय और नियामक कार्रवाई तय करने में मदद करेंगे।
मिलावट पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
कैबिनेट मंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी खाद्य कारोबारियों, जिनमें स्ट्रीट फूड विक्रेता भी शामिल हैं, से अपील की कि वे एफडीए के साथ अपना पंजीकरण कराएं और “सही खाओ, स्वस्थ रहो” की सोच अपनाते हुए पंजाब को स्वस्थ और सुरक्षित राज्य बनाने में सहयोग दें।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, शोध संस्थानों और नियामक एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, प्रमुख सचिव कृषि अरशदीप सिंह थिंद, एफडीए कमिश्नर कंवलप्रीत बराड़ सहित कई विशेषज्ञ मौजूद थे।
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