लंबी, 26 अक्तूबर : पंजाब मंडी बोर्ड के ई-मार्केटिंग पोर्टल पर गांव किल्लियांवाली और वरिंगखेड़ा का रकबा गायब हो गया है। जिसके कारण यहां के दर्जनों किसानों के फसल के बिल नहीं बन पाए हैं। पोर्टल पर गांवों का रकबा गायब होने से प्रभावित किसान काफी परेशानी में हैं, उनकी करोड़ों रुपये की धान बिना बिके रह गई है। गौरतलब है कि गाँव किल्लियाँवाली का रकबा लगभग 5000 एकड़ और गाँव वरिंगखेड़ा का रकबा लगभग 4000 एकड़ है। हालाँकि, यह रकबा राजस्व विभाग के वेब पोर्टल पर उपलब्ध है। यह खुलासा आढ़तियों द्वारा धान की फसल का बिल बनाते समय पोर्टल पर ज़मीन के रकबे की मैपिंग करते समय हुआ।
आढ़तियों के अनुसार, पिछले सीजन 2024-25 में भूमि मानचित्रण के दौरान यह क्षेत्र पूरी तरह से पोर्टल पर दर्ज हो गया था। सूत्रों का मानना है कि मार्केट कमेटी किल्लियांवाली का नया गठन हुआ है। उसके बाद, नई सरकारी आईडी बनाने के दौरान, इस वर्ष (ख्वान सीजन 2025-26) कुछ तकनीकी खराबी के कारण डेटा दिखाई नहीं दे रहा है।
किल्लियांवाली गाँव के किसान लखविंदर सिंह ने बताया कि उनकी फसल की तुलाई हुए एक हफ्ते से ज़्यादा हो गया है, लेकिन अभी तक बिल नहीं बना है। वह आढ़तियों और मार्केट कमेटी दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। किल्लियांवाली गाँव के आढ़तियों ने बताया कि रकबा दिखाई न देने के कारण वे बिल नहीं बना पा रहे हैं, लेकिन किसान उन पर जल्द बिल बनाने का दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला मंडी बोर्ड के आईटी विंग स्तर का है और मार्केट कमेटी किल्लियांवाली ने उक्त समस्या के शीघ्र समाधान के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है।
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