चंडीगढ़, 3 जनवरी : पंजाब सरकार ने कृषि उत्पादन में वृद्धि और टिकाऊ विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीकों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस दिशा में आई.आई.टी. रोपड़ में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की मदद से कृषि क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने पर विचार किया जा रहा है।
समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने दी दिशा-निर्देश
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज पंजाब भवन में आयोजित एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कृषि सेक्टर की प्रगति, उत्पादन वृद्धि और टिकाऊ विकास में एआई-आधारित समाधानों को लागू करने के लिए रोडमैप तैयार करने पर चर्चा की गई। स. खुड्डियां ने इस तकनीक के जमीनी स्तर पर प्रभावी उपयोग और किसानों को वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए सरकार का समर्थन सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।
कृषि मंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के लिए दिया हरी झंडी
स. खुड्डियां ने पायलट प्रोजेक्ट्स के माध्यम से जिलों में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग को निर्देश दिए। इसके तहत ऑटोमैटिक वेदर स्टेशनों की स्थापना, किसानों के डेटा एकत्रित करने के लिए उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना, बागबानी क्लस्टरों को सहायता देना और पशुधन उत्पादकता के लिए एआई-आधारित समाधानों का विस्तार करना शामिल है।
आईआईटी रोपड़ का एआई-आधारित पहल
स. खुड्डियां ने आईआईटी रोपड़ द्वारा कृषि क्षेत्र में एआई के उचित उपयोग के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कोर्स शुरू करने की पहल का स्वागत किया। यह कोर्स युवाओं के कौशल विकास और सरकारी अधिकारियों के क्षमता निर्माण में मदद करेगा, जिससे राज्य के मानव संसाधन आधार को मजबूत किया जा सकेगा। इस कार्यक्रम में पंजाब के विद्यार्थियों और अधिकारियों के लिए विशेष आरक्षण की भी घोषणा की गई है।
आईआईटी रोपड़ द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की पहलकदमी
बैठक में आईआईटी रोपड़ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुष्पेंद्र पी सिंह ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की पहल के बारे में जानकारी दी। इसके तहत एआई-आधारित फसल सलाहकार प्रणालियां, बहु-भाषाई किसान चैटबॉट्स, फसलों के डिजिटल ट्विन्स, उपज अनुमान मॉडल, मिट्टी स्वास्थ्य विश्लेषण, मौसम इंटेलिजेंस टूल्स और स्मार्ट पशुधन प्रबंधन एप्लिकेशन्स जैसी प्रमुख तकनीकों पर काम किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए भारत सरकार द्वारा 310 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आगे की दिशा और समग्र कृषि सुधार
स. खुड्डियां ने इस पहल को पंजाब को एआई-आधारित कृषि सुधारों में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के ठोस प्रयासों से कृषि एवं सहायक क्षेत्रों में संसाधन कुशलता, जलवायु-अनुकूलता और टिकाऊ विकास में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। इस बैठक में कृषि विभाग के सचिव श्री अर्शदीप सिंह थिंद, एमडी पंजाब एग्रो हरगुंजीत कौर, डायरेक्टर कृषि विभाग जसवंत सिंह, डायरेक्टर पशुपालन परमदीप सिंह वालिया और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी मौजूद थे।
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