नई दिल्ली, 14 फरवरी : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज संसद भवन परिसर में विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। बैठक में भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का विरोध करने और किसानों तथा खेत मजदूरों के रोजगार की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़े आंदोलन की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
व्यापार समझौते पर किसानों की चिंता
कांग्रेस पार्टी के अनुसार, बैठक के दौरान किसान यूनियन नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का कड़ा विरोध जताया। उन्होंने मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवे उगाने वाले किसानों के रोजगार पर संभावित खतरे को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। राहुल गांधी ने कहा कि इस समझौते से कृषि उत्पादों के आयात का रास्ता खुल गया है और जल्द ही अन्य फसलों का आयात भी शुरू हो सकता है, जिससे देश के किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
राष्ट्रीय आंदोलन की जरूरत पर सहमति
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि किसानों और खेत मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय आंदोलन चलाने की जरूरत है। राहुल गांधी ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
राहुल गांधी से मिलने वाले प्रमुख किसान नेताओं में ऑल इंडिया किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैहरा, भारतीय किसान मजदूर एसोसिएशन हरियाणा के अशोक बलहारा, बीकेयू क्रांतिकारी के बलदेव सिंह जीरा, प्रगतिशील किसान मोर्चा के के.आर. नंदकुमार, बीकेयू शहीद भगत सिंह के अमरजीत सिंह मोहारी, किसान मजदूर मोर्चा-भारत के गुरमनीत सिंह मांगट और जम्मू-कश्मीर जमींदारा फोरम के हमीद मलिक शामिल थे।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
यह बैठक राहुल गांधी के उस बयान के एक दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार उनके खिलाफ मामला दर्ज कर सकती है या विशेषाधिकार प्रस्ताव ला सकती है, लेकिन वे किसानों के समर्थन से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के जरिए देश के हितों से समझौता करने का आरोप भी लगाया।
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