चंडीगढ़, 17 फरवरी : पंजाब के राजपुरा स्थित थर्मल पावर प्लांट (नाभा पावर लिमिटेड) को गुजरात की कंपनी ने खरीद लिया है। L&T Power Development Limited ने राजपुरा ताप बिजली घर को Torrent Power Limited को बेचने के लिए समझौता किया है। Larsen & Toubro ने करीब छह वर्ष पहले ही राजपुरा थर्मल प्लांट बेचने का मन बना लिया था। कंपनी ने 22 जुलाई 2020 को पंजाब सरकार को पत्र लिखकर यह प्लांट पावरकॉम को बेचने की पेशकश की थी।
इस प्रस्ताव के मूल्यांकन के लिए पावरकॉम के चेयरमैन की मंजूरी से 9 अक्टूबर 2020 को पत्र नंबर 125 के तहत पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। हालांकि बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
‘आप’ सरकार ने पहले खरीदा था गोइंदवाल प्लांट
मौजूदा Aam Aadmi Party सरकार ने 31 दिसंबर 2024 को निजी क्षेत्र के GVK Power के गोइंदवाल थर्मल प्लांट को 1080 करोड़ रुपये में खरीदा था। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने इसे अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया था।
अब 6,889 करोड़ में सौदा
एलएंडटी के डायरेक्टर एवं वाइस प्रेसिडेंट (डेवलपमेंट प्रोजेक्ट) ने पावरकॉम के चेयरमैन को लिखे पत्र में राजपुरा थर्मल प्लांट को करीब 9,690 करोड़ रुपये में बेचने की पेशकश की थी। कंपनी का तर्क था कि इस प्लांट पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। हालांकि अब कंपनी ने यह प्लांट 6,889 करोड़ रुपये में टोरेंट पावर लिमिटेड को बेचने का समझौता किया है।
1400 मेगावाट क्षमता, जापानी तकनीक से लैस
राजपुरा थर्मल प्लांट की कुल क्षमता 1400 मेगावाट है, जिसमें दो यूनिट शामिल हैं। पहला यूनिट 1 फरवरी 2014 और दूसरा यूनिट 10 जुलाई 2014 को चालू हुआ था। यह प्लांट जापानी तकनीक पर आधारित है। पंजाब सरकार का इस प्लांट के साथ 25 वर्षों का बिजली खरीद समझौता (PPA) है। गुजरात की कंपनी द्वारा प्लांट खरीदे जाने के बावजूद इस समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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