मोहाली, 30 जनवरी : राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने गुरुवार को संसद के बजट सत्र के दौरान शून्यकाल में कृषि और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की। उन्होंने पंजाब में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर की स्थापना में हो रही दस वर्षों की देरी पर चिंता जताई।
केंद्रीय बागवानी विश्वविद्यालय की मांग
सांसद संधू ने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और पारंपरिक खेती से बाहर निकालने के लिए पंजाब में एक केंद्रीय बागवानी (हॉर्टिकल्चर) विश्वविद्यालय की स्थापना समय की आवश्यकता है, जिससे शोध, शिक्षा और प्रशिक्षण को नई दिशा मिल सके। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-16 के केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर रिसर्च एंड एजुकेशन स्थापित करने की घोषणा की थी। आईसीएआर द्वारा भूमि उपलब्ध कराए जाने और सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन पूरा होने के बावजूद यह परियोजना आज तक शुरू नहीं हो सकी।
बागवानी में अपार संभावनाएं
संधू ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में पंजाब में 7 प्रतिशत से भी कम भूमि पर बागवानी की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद किसानों की आय में बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2011 में बागवानी से 6,267 करोड़ रुपये की आय हुई थी, जो अब बढ़कर 26,580 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में बागवानी को उचित प्रोत्साहन, आधुनिक संस्थान और नीतिगत समर्थन मिले, तो पंजाब का किसान पारंपरिक खेती से बाहर निकलकर अधिक आय और स्थायी विकास की ओर बढ़ सकता है।
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