February 14, 2026

सज्जन कुमार की बरी होने के फैसले को दी जाएगी चुनौती : DSGMC

सज्जन कुमार की बरी होने के फैसले को...

नई दिल्ली, 23 जनवरी : दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी किए जाने के राउज़ एवेन्यू कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है। DSGMC ने साफ किया है कि इस मामले में कानूनी लड़ाई पूरी गंभीरता के साथ जारी रहेगी।

अदालत के फैसले के बाद DSGMC के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि सिख समुदाय को इंसाफ दिलाने के लिए कानूनी संघर्ष थमेगा नहीं। उन्होंने कहा कि 42 वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे सिखों के लिए यह फैसला बेहद निराशाजनक है।

1984 की घटना का जिक्र

DSGMC नेताओं ने बताया कि 1 और 2 नवंबर 1984 को तीन सिखों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पांच गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ बयान दिए थे, इसके बावजूद अदालत ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया। इस मामले के मुख्य शिकायतकर्ता हरविंदर सिंह कोहली थे, जिनके सामने उनके साथी अवतार सिंह और सोहन सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। DSGMC ने कहा कि उनकी गवाही इस केस में बेहद अहम थी, लेकिन अब उनका निधन हो चुका है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हुई।

हाईकोर्ट में दी जाएगी चुनौती

DSGMC ने कहा कि राउज़ एवेन्यू कोर्ट के फैसले का गहन अध्ययन करने के बाद उसकी कानूनी टीम इसे दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देगी। कमेटी ने दोहराया कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषियों को न्याय के कटघरे तक लाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। DSGMC ने यह भी स्पष्ट किया कि सज्जन कुमार को सिख विरोधी दंगों के एक अन्य मामले में पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। ऐसे में इस फैसले के बावजूद वे जेल से बाहर नहीं आएंगे।

DSGMC ने दो टूक कहा कि सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा और यह लड़ाई पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ाई जाएगी।

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