टोरांटो, 28 मार्च : अब कैनेडा में शरण लेना मुश्किल हो जाएग। ऐसा इसलिए क्योंकि कैनेडा की सरकार ने शरण देने वाले अपने नियमों में सख्ती करने का मन बना लिया है और इसके लिए नए कानून को पास किया गया है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटिज़नशिप कनाडा के अनुसार इस कानून के चार मुख्य हिस्से हैं। यह नए नियम तय करता है कि कौन असाइलम का दावा कर सकता है, प्रक्रिया को तेज और सरल बनाता है, सरकारी विभागों के बीच जानकारी साझा करने की अनुमति देता है और सरकार को इमिग्रेशन दस्तावेज़ों और आवेदनों पर अधिक अधिकार देता है।
कैनेडा पहुंने वालों में भारतीय सबसे आगे
इस साल कनाडा में शरण मांगने वालों में भारतीय नागरिक सबसे आगे हैं। 2025 के पहले छह महीनों में भारत के लोगों ने लगभग 9,770 रिफ्यूजी दावे दर्ज किए, जो किसी भी अन्य देश से अधिक हैं। पंजाब समेत कई राज्यों से ऐसे दावे किए जाते हैं, जो अक्सर राजनीतिक या सुरक्षा चिंताओं से जुड़े होते हैं। इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ऑफ कनाडा के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, दिसंबर 2012 से अब तक भारतीय नागरिकों द्वारा कनाडा में 45,000 से अधिक असाइलम दावे किए जा चुके हैं।
गैर-कानूनी एंट्री पर सख्ती
सबसे बड़े बदलाव 3 जून 2025 या उसके बाद किए गए दावों को प्रभावित करते हैं। यदि कोई व्यक्ति 24 जून 2020 को या उसके बाद कनाडा में अपनी पहली एंट्री के एक साल से अधिक समय बाद दावा करता है, तो आम तौर पर उसका मामला पूरी सुनवाई के लिए इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) को नहीं भेजा जाएगा। यह नियम तब भी लागू होगा, यदि व्यक्ति बाद में कनाडा छोड़कर वापस आया हो। एक साल की अवधि 24 जून 2020 के बाद पहली एंट्री से ही गिनी जाएगी और दोबारा एंट्री से फिर शुरू नहीं होगी।
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