नई दिल्ली, 7 फरवरी : भारत सरकार ने विदेशों, विशेष रूप से कनाडा में भारतीय छात्रों की मौत के मामलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संसद में बताया कि वर्ष 2018 से 2025 के बीच केवल कनाडा में ही 17 भारतीय छात्रों की मौत हुई है। विदेश राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि कनाडा में जिन 17 भारतीय छात्रों की जान गई, वे सभी अलग-अलग हिंसक हमलों का शिकार हुए थे। यह जानकारी उन्होंने सांसद असदुद्दीन ओवैसी द्वारा पूछे गए एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
अन्य देशों में भी भारतीय नागरिकों की मौत
सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, केवल कनाडा ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी भारतीय नागरिकों की हिंसा में मौत हुई है।
- अमेरिका में 9 मौतें
- ऑस्ट्रेलिया में 3 मौतें
- किर्गिस्तान में 2 मौतें
- ब्रिटेन, चीन, डेनमार्क, जर्मनी और ग्रेनाडा में 1-1 भारतीय नागरिक की मौत
विदेशों में बढ़ती हिंसा पर सरकार सतर्क
असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से यह भी पूछा था कि क्या वह विदेशों में भारतीय छात्रों के खिलाफ बढ़ती हिंसक घटनाओं से अवगत है और क्या इन मामलों की समय पर जांच की जा रही है। सरकार ने जवाब में बताया कि वह इन घटनाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विदेशों में स्थित भारतीय मिशन लगातार छात्रों के संपर्क में रहते हैं।
छात्रों को विदेश जाने से पहले और वहां पहुंचने के बाद ओरिएंटेशन कार्यक्रमों के माध्यम से सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। विदेश राज्य मंत्री के अनुसार, छात्रों को संबंधित देश में संभावित चुनौतियों और सुरक्षा जोखिमों के बारे में पहले से अवगत कराया जाता है, ताकि वे किसी भी अप्रिय स्थिति से बच सकें।

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