March 3, 2026

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने जताई चिंता

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम...

चंडीगढ़, 3 मार्च : शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि पंजाब में मानवाधिकारों के उल्लंघन की बढ़ती घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि हालात को देखते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने जिलों के पुलिस थानों में अचानक न्यायिक निरीक्षण के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

थानों में सीसीटीवी जांच के निर्देश

मजीठिया ने बताया कि चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेटों को थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के परमवीर सिंह सैनी मामले में जारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है और इसे न्यायिक जिम्मेदारी के तौर पर लागू किया गया है।

गैर-सहयोग पर होगी सख्त कार्रवाई

जांच के दौरान यदि किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा रुकावट या असहयोग किया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार आयोग को अवैध हिरासत, हिरासत में प्रताड़ना और पुलिस हिंसा से संबंधित शिकायतों को सीधे सुनने का अधिकार दिया गया है। मजीठिया ने कहा कि फर्जी एनकाउंटर, अवैध हिरासत और अधिकारों के दुरुपयोग के बढ़ते आरोपों के बीच न्यायपालिका की यह दखल सराहनीय और महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ में रणजीत सिंह की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित कर घटना की निंदा करते हुए न्याय की मांग की है। उनका कहना था कि जब ग्राम सभा को पुलिस कार्रवाई के खिलाफ खड़ा होना पड़े, तो यह कानून-व्यवस्था पर लोगों के भरोसे के कमजोर होने का संकेत है।

परिवार को परेशान किए जाने का आरोप

मजीठिया ने यह भी आरोप लगाया कि दिलावर सिंह के परिवार की महिलाओं को पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा है और उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर रणजीत सिंह का अंतिम संस्कार अब तक नहीं हो पाया है, वहीं दूसरी ओर राज्य के मुख्यमंत्री इलाज के लिए बेंगलुरु में हैं। मजीठिया ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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