February 5, 2026

श्री दरबार साहिब में पुलिस कार्रवाई पर शिरोमणि कमेटी का विरोध

श्री दरबार साहिब में पुलिस कार्रवाई पर...

अमृतसर, 31 जनवरी : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने बीते दिन पंजाब पुलिस द्वारा श्री दरबार साहिब परिसर से दो व्यक्तियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताया है। शिरोमणि कमेटी के सचिव प्रताप सिंह ने इस कार्रवाई को पुलिस की मनमानी बताते हुए गुरुद्वारा प्रबंधों में सीधा दखल करार दिया है। एसजीपीसी सचिव ने कहा कि सचखंड श्री हरिमंदर साहिब सिख संगतों की आस्था का केंद्र है, जहां देश-विदेश से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु नतमस्तक होने आते हैं। बिना प्रबंधकों को सूचित किए किसी को हिरासत में लेना न केवल अनुचित है, बल्कि संगतों की भावनाओं के भी खिलाफ है।

प्रबंधकों को नहीं दी गई कोई सूचना

प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि बीते दिन हुई पुलिस कार्रवाई की न तो शिरोमणि कमेटी को और न ही श्री दरबार साहिब के प्रबंधकों को कोई जानकारी दी गई। यदि किसी व्यक्ति को किसी आरोप के तहत हिरासत में लेना जरूरी था, तो पुलिस को पहले शिरोमणि कमेटी से संपर्क करना चाहिए था। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर शिरोमणि कमेटी स्तर पर प्रशासनिक जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट शिरोमणि कमेटी की कार्यकारिणी के समक्ष पेश की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

उल्लेखनीय है कि बीते दिन तरनतारन पुलिस ने श्री हरिमंदर साहिब की परिक्रमा से दो युवकों को हिरासत में लिया था। पुलिस द्वारा बिना किसी सूचना के की गई इस कार्रवाई का शिरोमणि कमेटी ने तत्काल विरोध किया और इसे गुरु घर की मर्यादा का उल्लंघन बताया। जब पुलिस यह कार्रवाई कर रही थी, उस समय परिक्रमा में मौजूद शिरोमणि कमेटी की टास्क फोर्स और कर्मचारियों ने रोष स्वरूप पुलिस के दो कर्मियों को रोक लिया और उन्हें परिक्रमा के एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया।

वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला

बाद में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कमरे में रोके गए दोनों पुलिस कर्मियों को बाहर भेज दिया गया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। बीते दिन इस मामले पर शिरोमणि कमेटी और पुलिस दोनों ने चुप्पी साधे रखी थी। आज शिरोमणि कमेटी के सचिव प्रताप सिंह ने चुप्पी तोड़ते हुए इस कार्रवाई को गुरु घर के प्रबंधों में दखल बताते हुए कड़ी निंदा की और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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