March 17, 2026

श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी पंजाब बिल 2026’ पारित

श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय...

चंडीगढ़, 17 मार्च: पंजाब विधानसभा ने मंगलवार को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा प्रस्तुत “श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी पंजाब बिल, 2026” को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस ऐतिहासिक कदम के तहत श्री आनंदपुर साहिब में एक अत्याधुनिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर का विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा, जो राज्य की आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ेगा।

प्रस्तावित विश्वविद्यालय रक्षा प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में विशेष कोर्स शुरू करेगा। यह उत्तरी भारत का पहला संस्थान होगा जो इन क्षेत्रों में समर्पित और उन्नत पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाएगा।

एमआईटी के स्तर का संस्थान बनाने का लक्ष्य

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य इस विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थानों के समकक्ष विकसित करना है। उन्होंने बताया कि यह संस्थान छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा और उन्हें केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि शोध और नवाचार के अवसर भी प्रदान करेगा।

सिख विरासत को समर्पित पहल

बिल पेश करते हुए बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत और सिख परंपरा को समर्पित एक श्रद्धांजलि है, वहीं आधुनिक शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को सशक्त बनाने का प्रयास भी है।

विश्वविद्यालय में रक्षा एवं रणनीतिक अध्ययन, मिलिट्री रोबोटिक्स, साइबर वारफेयर, ड्रोन इंजीनियरिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, मिलिट्री हिस्ट्री और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर के कोर्स शुरू किए जाएंगे।

₹300 करोड़ निवेश का प्रस्ताव

राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में इस परियोजना के लिए ₹300 करोड़ निवेश का प्रस्ताव रखा है। मौजूदा बजट में प्रारंभिक तौर पर ₹20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार ने इसे प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल करते हुए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराने की भी बात कही है। शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि जुलाई 2026 तक कोर्स शुरू करने के लिए एक अस्थायी कैंपस की पहचान की जा रही है, ताकि परियोजना को शीघ्र लागू किया जा सके।