नई दिल्ली, 14 मार्च : केंद्र सरकार ने लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और इंजीनियर Sonam Wangchuk की नजरबंदी को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का ऐलान किया है। गृह मंत्रालय ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि यह फैसला क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकार के अनुसार, वांगचुक को सितंबर 2025 में लेह में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को देखते हुए National Security Act (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। बताया गया कि वे अपनी नजरबंदी की आधी अवधि पूरी कर चुके थे।
बंद और प्रदर्शनों से प्रभावित हो रही थी अर्थव्यवस्था
गृह मंत्रालय ने कहा कि लद्दाख में लगातार बंद और प्रदर्शनों के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ रहा था। इसी पृष्ठभूमि में हालात सामान्य बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार लद्दाख के हितों और संवैधानिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न समुदायों के साथ रचनात्मक संवाद के लिए प्रतिबद्ध है। उम्मीद जताई जा रही है कि उच्च-स्तरीय समिति के माध्यम से क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मुद्दों का समाधान निकाला जाएगा और सीमा क्षेत्र में जल्द सामान्य स्थिति बहाल होगी।
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