ग्रेटर नोएडा, 16 फरवरी : प्रशासन और प्राधिकरण की कथित लापरवाही के चलते एक और मासूम की जान चली गई। दनकौर क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में अवैध खनन के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में डूबने से तीन वर्षीय देवांश की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब बच्चा रविवार को गांव में आयोजित भंडारे में अपने परिवार के साथ आया हुआ था। खेलते समय वह पानी से भरे गहरे टोए (गड्ढे) में गिर गया।
तलाश के बाद गड्ढे से मिला शव
कुछ देर तक जब देवांश दिखाई नहीं दिया तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आशंका जताई गई कि वह खनन के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर सकता है। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को पानी से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पहले भी दी गई थी शिकायत
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब डेढ़ महीने पहले नोएडा प्राधिकरण को लिखित शिकायत देकर गड्ढे में भरे पानी से हादसे की आशंका जताई गई थी। इसके बावजूद न तो गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई और न ही कोई सुरक्षा उपाय किए गए। बताया जा रहा है कि लगभग 100 गज के प्लॉट में खनन माफिया द्वारा 15 से 20 फीट तक गहरा गड्ढा खोदा गया था, जो हादसे का कारण बना। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्राधिकरण ने झाड़ा पल्ला
प्राधिकरण का कहना है कि जिस जमीन पर गड्ढा है, वह गांव के एक किसान की निजी जमीन है। ऐसे में प्राधिकरण सीधे तौर पर वहां कार्रवाई नहीं कर सकता। दनकौर कोतवाली प्रभारी मुनेन्द्र सिंह ने बताया कि दलेलगढ़ निवासी अनिल की बेटी अंजली की शादी सिकंदराबाद क्षेत्र के सपोली गांव में हुई थी। वह कुछ दिन पहले ही अपने बेटे देवांश के साथ मायके आई थी।
रविवार को गांव के मंदिर में भंडारा आयोजित था, जहां बच्चा अपनी मां के साथ गया था। मंदिर के पास स्थित तालाब/गड्ढे में गिरने से उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।
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