January 8, 2026

पंजाब में लालफीताशाही खत्म करने के लिए साहसिक कदम उठाए : केजरीवाल

पंजाब में लालफीताशाही खत्म करने के लिए ...

जालंधर/चंडीगढ़, 11 जून : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज राज्य में औद्योगिक विकास में क्रांति लाने के लिए 12 नई पहलों की शुरुआत की, जिससे पंजाब में औद्योगिक क्रांति के तहत औद्योगिक विकास और खुशहाली का एक नया युग शुरू हुआ। मुख्य अतिथि अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये 12 पहलें पंजाब में औद्योगिक संचालन की कार्यशैली, उद्योगों और सरकार के बीच संवाद, उद्योगों द्वारा अपनी जमीन का मूल्य प्राप्त करने और राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनने से संबंधित क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई हैं।

75 वर्षों में सबसे साहसिक कदम उठाए

केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में मौजूदा ‘आप’ सरकार ने लालफीताशाही को खत्म करने के लिए 75 वर्षों में सबसे साहसिक कदम उठाए हैं। यह औद्योगिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का अंत है। उन्होंने कहा कि ये जवाबदेही और प्रणाली-आधारित कदम पंजाब को निवेशकों की सुविधा के मामले में एक राष्ट्रीय मॉडल बना देते हैं, जो तेलंगाना, कर्नाटक (दोनों कांग्रेस शासित), गुजरात, महाराष्ट्र (दोनों भाजपा शासित) और तमिलनाडु जैसे विकसित औद्योगिक राज्यों को भी पीछे छोड़ता है।

पंजाब ने निवेशकों के लिए सिंगल विंडो

फास्ट-ट्रैक पंजाब पोर्टल को सभी अनुमतियां प्रदान करने के लिए एक सिंगल विंडो के रूप में शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत में पहली बार पंजाब ने निवेशकों के लिए सिंगल विंडो स्थापित की है। राज्य सरकार इन व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए अगले विधानसभा सत्र में ‘कारोबार का अधिकार’ अधिनियम में संशोधन पेश करेगी।

केजरीवाल ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के लिए फायर एनओसी की वैधता को जोखिम वर्गीकरण के आधार पर एक वर्ष से बढ़ाकर 3 से 5 वर्ष कर दिया गया है। इन 12 पहलों में से 4 पहलें जमीन के स्वामित्व में पारदर्शिता प्रदान करने और निवेशकों के लिए औद्योगिक जमीन की कीमत को अनलॉक करने से संबंधित हैं। यह एक स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार एक नई नीति लाएगी।

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