February 28, 2026

टी.ई.टी. सबंधी मीटिंग आगे बढ़ाने से नाराज अध्यापक 2 मार्च को करेंगे प्रदर्शन

टी.ई.टी. सबंधी मीटिंग आगे बढ़ाने से नाराज...

जालंधर, 28 फरवरी : टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) से जुड़ी बैठक को आगे बढ़ाए जाने पर पंजाब भर में शिक्षकों में रोष बढ़ गया है। सांझा अध्यापक मोर्चा पंजाब और विभिन्न अध्यापक जत्थेबंदियों की बैठक दिग्विजय पाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का फैसला लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी

अध्यापक नेताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनसीटीई के नोटिफिकेशन की अनदेखी करते हुए 1 सितंबर 2025 के फैसले के कारण सभी शिक्षकों पर अनावश्यक रूप से टीईटी की शर्त लागू कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले के खिलाफ न तो राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की और न ही विधानसभा में कोई विधेयक लाकर शिक्षकों को राहत देने की कोशिश की।

प्रमोशन पर लगी रोक

शिक्षक संगठनों ने बताया कि वर्ष 2017 के एक पत्र के आधार पर कुछ श्रेणियों को पदोन्नति के समय टीईटी से छूट दी गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग ने वह पत्र वापस ले लिया और शिक्षकों की पदोन्नतियों पर रोक लगा दी गई है। 22 फरवरी को शिक्षा मंत्री के हलके श्री आनंदपुर साहिब में शिक्षकों ने विशाल रोष प्रदर्शन किया था। करीब दो घंटे तक जीटी रोड जाम करने के बाद 27 फरवरी को पंजाब भवन में शिक्षा मंत्री के साथ बैठक का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन अब उस बैठक को भी स्थगित कर दिया गया है।

2 मार्च को मंत्रियों और विधायकों का घेराव

बैठक टलने से नाराज शिक्षक जत्थेबंदियों ने 2 मार्च को राज्य के सभी जिलों में कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों के घरों के बाहर रोष प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। अध्यापक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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