नई दिल्ली, 8 अप्रैल : पश्चिम एशिया में जंगबंदी के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद खाड़ी देशों में अलर्ट सायरन बजने लगे। Donald Trump द्वारा सीजफायर की घोषणा के बावजूद हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं, जिससे साफ है कि खतरा अभी टला नहीं है। Kuwait, Saudi Arabia, United Arab Emirates और Qatar जैसे देशों में सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
इजरायल का दावा—ईरान ने दागीं मिसाइलें
Israel की सेना ने दावा किया है कि Iran की ओर से मिसाइलें दागी गई हैं, जिससे तनाव और बढ़ गया है। कुवैत का एयर डिफेंस सिस्टम लगातार हमलों को रोकने में जुटा हुआ है, जबकि बहरीन में भी सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया गया। United Arab Emirates ने पुष्टि की है कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय है और किसी भी हमले को रोकने की तैयारी में है। वहीं Qatar ने हालात को “हाई लेवल खतरा” बताते हुए नागरिकों को घरों में रहने की सलाह दी है।
ईरान का साफ संदेश—अभी खत्म नहीं हुआ संघर्ष
रिपोर्ट के मुताबिक Iran ने दो हफ्तों के सीजफायर को स्वीकार कर लिया है और बातचीत शुरू करने की तैयारी कर रहा है। यह बातचीत Islamabad में होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि बातचीत का मतलब जंग का अंत नहीं है। जब तक सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम में आर्थिक दबाव भी एक बड़ा कारण है, जिसकी वजह से अमेरिका ने फिलहाल नरम रुख अपनाया है।
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