दुबई, 3 जनवरी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के शीर्ष अधिकारियों के बीच ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर तनाव जारी है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को कड़ी चेतावनियाँ दी हैं, जिसमें ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला किया जाता है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए तैयार रहेगा। ईरान में रियाल मुद्रा की गिरावट के कारण शुरू हुए ये प्रदर्शन अब तक आठ लोगों की मौत का कारण बन चुके हैं।
ये प्रदर्शन, 2022 में महसा अमिनी की मौत के बाद ईरान में सबसे बड़े प्रदर्शन माने जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी अब सीधे तौर पर सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं और यह अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है।
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन और मौतें, ट्रंप की चेतावनी
पूरी दुनिया का ध्यान खींचते हुए, ट्रंप ने अपने ‘ट्रूथ सोशल’ प्लेटफार्म पर एक चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला किया, तो अमेरिका उन्हें सहायता देने के लिए तैयार रहेगा। दूसरी ओर, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी ने इजराइल और अमेरिका पर इन प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया।
लारिजानी ने कहा कि अमेरिकी दखलअंदाजी से पूरे क्षेत्र में अराजकता फैल जाएगी और अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचेगा। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से अमेरिकी बयानबाजी की निंदा करने की अपील की है।
आर्थिक मंदी और बातचीत के संकेत
इन धमकियों और तनाव के बीच, ईरान की सरकार प्रदर्शकारियों से बातचीत करने के संकेत दे रही है, लेकिन देश की आर्थिक मंदी ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। ईरान ने पश्चिमी देशों को यूरेनियम संवर्धन बंद करने का दावा किया है, लेकिन इस पर अभी तक कोई सार्थक बातचीत नहीं हो सकी है।
आपसी तनाव और अगले कदम
यह विवाद, जो ईरान में चल रही आर्थिक और राजनीतिक संकट को उजागर करता है, अभी भी खत्म होता हुआ नजर नहीं आ रहा है। दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर स्थिति गंभीर हो गई है, और दुनिया भर में इसके संभावित परिणामों को लेकर चिंता बढ़ रही है।
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