चंडीगढ़, 8 सितंबर : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज मोहाली के एक निजी अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कैबिनेट मीटिंग में हिस्सा लिया। आज की बैठक में पंजाब कैबिनेट ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवज़ा देने का फ़ैसला किया है। इसके साथ ही, बाढ़ प्रभावित इलाकों के खेतों से मिट्टी निकालने के लिए ‘जिस दा खेत उस दी रेत’ अभियान को भी हरी झंडी दे दी गई है।
जिस का खेत, उसकी रेत को हरी झंडी
इससे किसान अपने खेतों से गाद के रूप में रेत निकालकर उसे आगे बेच सकेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पंजाब की जनता को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को 4 लाख रुपये प्रति व्यक्ति मुआवज़ा देगी। जिन लोगों के घर गिर गए हैं, उनका सर्वेक्षण कराया जाएगा और उन्हें उचित मुआवज़ा दिया जाएगा। इसके अलावा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को सहकारी बैंकों से लिए गए ऋण चुकाने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस अवधि के दौरान, किसानों को छह महीने तक कोई किश्त नहीं देनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसानों को मवेशियों और अन्य पशुओं के नुकसान के लिए भी मुआवज़ा देंगे।
विशेष टीकाकरण अभियान चलाएगी सरकार
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाएगी। इसके अलावा, 1700 गाँवों में फॉगिंग मशीनें उपलब्ध कराई जाएँगी ताकि बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की एक विशेष टीम हर गाँव में आकर लोगों का इलाज करेगी। इसके साथ ही, बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण बिजली विभाग के ट्रांसफार्मर आदि क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके लिए भी सर्वेक्षण कराया जाएगा और भविष्य की योजना तैयार की जाएगी।
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