January 10, 2026

सेहत विभाग ने माना कम्यूनिटी हैल्थ सेंटरों में खाली पद गंभीर मामला

सेहत विभाग ने माना कम्यूनिटी हैल्थ...

चंडीगढ़, 15 नवम्बर : पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष माना है कि तरनतारन जिले के सुरसिंह वाला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की भारी कमी है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि चिकित्सा अधिकारियों के 10 स्वीकृत पदों में से 8 खाली हैं, जिसके कारण हजारों लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं ठप हैं

सीएचसी सुरसिंह के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी द्वारा दायर याचिका में सरकार की निंदा की गई है कि अस्पतालों में योग्य कर्मचारियों की कमी के कारण कई वर्षों से आपातकालीन सेवाएं ठप हैं। मरीजों की देखभाल भी मानक स्तर की नहीं है और लोग इलाज के लिए दूर जाने को मजबूर हैं। इस याचिका में तत्काल भर्ती, बुनियादी ढांचे में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं तक बुनियादी पहुंच बहाल करने के लिए सुविधाओं की स्थापना की मांग की गई है। 

जवाब में रिक्तियों की चिंताजनक संख्या सूचीबद्ध की गई है। बताया गया है कि सामान्य चिकित्सा अधिकारी के पांच स्वीकृत पदों में से केवल दो ही भरे गए हैं जबकि तीन खाली हैं। मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री रोग, बाल रोग और एनेस्थीसिया के विशेषज्ञों के 5 पद हैं और यहां भी एक-एक पद खाली है। कुल 10 में से 8 पद रिक्त हैं, जो स्टाफ की भारी कमी को दर्शाता है। हलफनामे में चिकित्सा कर्मियों की भारी कमी के लिए इन्हीं कारणों को ज़िम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन यह भी माना गया है कि तरनतारन ज़िले में यह कमी ज़्यादा महसूस की जा रही है।

यह भी देखें : एएनटीएफ ने 8.5 किलोग्राम हेरोइन के साथ सरगना को गिरफ्तार किया