January 7, 2026

स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना की प्रगति का अवलोकन किया

स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना...

चंडीगढ़, 6 जनवरी : पंजाब में 10 लाख रुपये की कैशलेस मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (एमएमएसवाई) को निर्बाध और प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने रविवार को स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) पंजाब में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) पंजाब, पंजाब हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम एसोसिएशन (पीएचएनए), पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज (पीसीएमएस) के डॉक्टरों के साथ-साथ प्रमुख निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) कुमार राहुल और एसएचए के सीईओ संयम अग्रवाल भी मौजूद रहे।

पारदर्शिता और नैतिकता पर जोर

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना की सफलता के लिए दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन, नैतिक चिकित्सकीय अभ्यास और पूर्ण पारदर्शिता अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शून्य-सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सरकार, डॉक्टरों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच ईमानदार और सक्रिय सहयोग आवश्यक है।

निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों का समर्थन

आईएमए पंजाब और पीएचएनए के प्रतिनिधियों ने योजना के प्रति पूर्ण समर्थन जताया और लाभार्थियों के नामांकन में तेजी लाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर इलाज देने के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों के नेटवर्क का विस्तार जरूरी है। संशोधित पैकेज मास्टर एचबीपी 2.2 को अपनाने पर भी संतोष व्यक्त किया गया। बैठक में दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, लुधियाना; क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, लुधियाना; आदेश मेडिकल कॉलेज, बठिंडा और ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज, पटियाला के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने बढ़ी हुई प्रतिपूर्ति दरों का स्वागत करते हुए इसे निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए सकारात्मक कदम बताया।

सरकारी डॉक्टरों ने भी जताया समर्थन

पीसीएमएस डॉक्टरों ने कहा कि एमएमएसवाई न केवल जनता को मुफ्त और कैशलेस इलाज उपलब्ध कराएगी, बल्कि सरकारी अस्पतालों के ढांचे और सेवा क्षमता को भी मजबूत करेगी। बैठक में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहन देने से जुड़े सुझाव भी सामने आए। बैठक का समापन सभी हितधारकों द्वारा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को पंजाब के लिए एक पारदर्शी, मजबूत और जन-केंद्रित स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनाने के संकल्प के साथ हुआ।

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