January 1, 2026

भारतीय वायुसेना को मिला SPICE‑1000, स्वदेशी ‘गौरव’ भी तैयार

भारतीय वायुसेना को मिला SPICE‑1000...

नई दिल्ली, 1 जनवरी : भारत के डिफेंस एक्विज़िशन काउंसिल (DAC) ने पिछले हफ्ते भारतीय वायुसेना के लिए SPICE‑1000 लॉन्ग‑रेंज गाइडेंस किट की खरीद को मंजूरी दे दी है। DAC की मंजूरी की घोषणा करने वाली PIB की प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि, “SPICE‑1000 भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी से सटीक हमला करने की क्षमता को बढ़ाएगा।”

इज़रायल अपने अत्यधिक सटीक हमलों के लिए जाना जाता है और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के इज़रायल जैसी सटीक हमलों ने दुनिया को चौंका दिया था। इसी बीच, DRDO का स्वदेशी ‘गौरव’ लॉन्ग‑रेंज ग्लाइड बम भी परीक्षण के अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे सेवा में शामिल किए जाने की उम्मीद है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब भारत के पास स्वदेशी विकल्प मौजूद हैं, तो इज़रायल से महंगा बम क्यों खरीदा जा रहा है।

SPICE‑1000 स्मार्ट हथियार

SPICE‑1000 एक खतरनाक स्मार्ट गाइडेंस किट है, जो 1,000 पाउंड के पारंपरिक बम को अत्याधुनिक प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन में बदल देती है। इसका मतलब है कि यह बम जिस प्वाइंट पर हमला करना है, वहां पिन-पॉइंट सटीकता से वार करेगा।

इसमें फोल्ड-आउट विंग्स, सैटेलाइट नेविगेशन और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड (EO/IR) सीकर होता है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है ऑटोमैटिक टार्गेट एक्विज़िशन (ATA) तकनीक। इसका मतलब है कि अगर बम फायर होने के बाद दुश्मन ने टार्गेट बदल दिया या टार्गेट लॉक गलत हो गया, तो भी यह बम असली लक्ष्य को पहचानकर हमला करेगा।

SPICE‑1000 क्यों है गेम चेंजर

यूरेशियन टाइम्स में भारतीय वायुसेना के पूर्व जगुआर पायलट और मिलिट्री एनालिस्ट विजयेन्द्र के ठाकुर ने लिखा है कि युद्ध के दौरान GPS कई बार जैम हो जाता है या टार्गेट के कोऑर्डिनेट्स में गलती हो जाती है, लेकिन SPICE‑1000 ऐसे में भी लक्ष्य को पहचानकर हमला कर सकता है।

इस वजह से बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसी हाई-वैल्यू मिशनों में भारतीय वायुसेना ने पहले SPICE‑2000 और SPICE‑250 का इस्तेमाल किया था। इसकी मार करने की रेंज लगभग 125 किलोमीटर है और इसकी सटीकता 3 मीटर से कम CEP (Circular Error Probable) है। SPICE के तीनों वेरिएंट में ऑटोमैटिक टार्गेट एक्विज़िशन (ATA) क्षमता है। यह एक ऑटोनॉमस इलेक्ट्रो-ऑप्टिक सीन-मैचिंग टेक्नोलॉजी है, जिसे GPS जैमिंग या नेविगेशन गलती के दौरान भी फिक्स्ड टार्गेट पर सटीक हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

स्वदेशी ‘गौरव’ बम

DRDO ने ‘गौरव’ नाम का लॉन्ग‑रेंज ग्लाइड बम भी बनाया है, जो पूरी तरह स्वदेशी है। यह 1,000 किलोग्राम के HSLD बम के साथ इस्तेमाल होता है।

  • INS और SATNAV आधारित गाइडेंस के साथ
  • Su-30MKI लड़ाकू विमान के साथ सफल परीक्षण
  • हमला करने की रेंज 30–150 किलोमीटर, 100 किलोमीटर के ट्रायल में पास
  • सेमी-एक्टिव लेज़र होमिंग (SALH) सीकर का विकल्प

लागत के हिसाब से गौरव SPICE‑1000 से बहुत सस्ता है, इसलिए व्यावहारिक दृष्टि से इसे प्राथमिकता दी जा सकती है।

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