January 11, 2026

भारतीय रेलवे में खत्म हुई अंग्रेजी निशानी! अब नहीं पहना जाएगा काला कोट

भारतीय रेलवे में खत्म हुई अंग्रेजी...

नई दिल्ली, 10 जनवरी : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों को बस्तिवादी (अंग्रेजी) सोच को पूरी तरह से छोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि अंग्रेजों के ज़माने का ‘बंद गले का काला सूट’ अब रेलवे की आधिकारिक पोशाक नहीं रहेगा। यह पहनावा अंग्रेजों ने शुरू किया था और आज से इसे समाप्त किया जा रहा है। यह ड्रेस अब तक निरीक्षण, परेड और विशेष अवसरों पर वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पहनी जाती थी। हालांकि, ग्रुप-डी, ट्रैकमैन और तकनीकी स्टाफ पर यह लागू नहीं था।

रेल मंत्री शुक्रवार को दिल्ली में 70वें अति विशेष रेल सेवा पुरस्कार समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान विभिन्न कार्यों के लिए रेलवे के 100 अधिकारियों को सम्मानित किया गया। रेल मंत्री ने कहा कि बस्तिवादी मानसिकता को खोजना और पूरी तरह से हटाना होगा, चाहे वह काम करने का तरीका हो या पहनावा।

2026 के लिए 6 बड़े संकल्प

रेल मंत्री ने 2026 के लिए रेलवे के छह बड़े लक्ष्य भी सामने रखे। उन्होंने बताया कि 2026 में “52 हफ्ते, 52 सुधार” के लक्ष्य के साथ सेवा, उत्पादन, निर्माण और सुविधाओं सहित हर क्षेत्र में बड़े सुधार किए जाएंगे।

सुरक्षा पर सख्त फोकस

मैंटेनेंस और सुरक्षा को लेकर रेल मंत्री ने स्पष्ट कहा कि ट्रैक मेंटेनेंस को नए स्तर पर ले जाना होगा। सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कर्मचारियों की ट्रेनिंग को प्राथमिकता दी जाएगी।