मुंबई, 12 जनवरी : मुंबई में आगामी नगर निगम चुनावों के लिए महायुति गठबंधन ने अपना मैनिफेस्टो जारी किया, जिसमें शहर को एक “आलमी महाशक्ति” बनाने के उद्देश्य से कई अहम योजनाओं का उल्लेख किया गया है। इस मैनिफेस्टो में तकनीक आधारित शासन, महिलाओं के लिए बेस्ट बसों में किराए में 50% छूट और शहर को बांगलादेशी प्रवासियों से “मुक्त” करने का वादा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने दी जापानी तकनीक को प्राथमिकता
इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि भाजपा-शिवसेना-आरपीआई (ए) गठबंधन गंभीर सामाजिक समस्याओं का समाधान करने के लिए जापानी तकनीक का उपयोग करेगा, और यह तकनीक स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मोबाइल फोन तक सेवाएं पहुंचाने में मदद करेगी। मैनिफेस्टो में भ्रष्टाचार को खत्म करने, मंजूरी प्रक्रिया में तेज़ी लाने और सेवाओं के वितरण में सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया है।
वहीं, मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने महायुति के मैनिफेस्टो को झूठ का पुलिंदा करार दिया। उन्होंने कहा कि महायुति ने जो वादे किए हैं, वे पूरी तरह से खोखले हैं और वास्तविकता से दूर हैं।
नगर निगम और ठाणे नगर निगम चुनावों की तैयारी
इसी दौरान, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अगुवाई में एनसीपी और शरद पवार की अगुवाई में एनसीपी (एसपी) ने पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम चुनावों के लिए अपना मैनिफेस्टो जारी किया है। ठाणे नगर निगम के चुनावों की भी तैयारियां जोरों पर हैं, जो 15 जनवरी को होने वाले हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि राज्य चुनाव आयोग की दिशा-निर्देशों के तहत सभी उम्मीदवारों के नाम ईवीएम पर प्रदर्शित किए जाएंगे, और हर सीट पर ‘नोटा’ विकल्प भी उपलब्ध होगा।
मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य नगर निगम चुनावों में महायुति और विपक्षी दलों के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। महायुति ने अपने मैनिफेस्टो में बड़े वादे किए हैं, जिनका उद्देश्य मुंबई को और अधिक विकसित और प्रौद्योगिकी-संचालित बनाना है। वहीं विपक्षी दलों ने इन वादों को असंभव और झूठा बताया है, जिससे चुनावी माहौल गरमाया हुआ है।
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