March 14, 2026

मान सरकार ने पंजाब में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया: हरभजन सिंह ई.टी.ओ.

मान सरकार ने पंजाब में निवेश के लिए...

चंडीगढ़/साहिबजादा अजीत सिंह नगर, 14 मार्च : पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने में सफल रही है। उन्होंने यह बात प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में आयोजित भारी मशीनरी और कृषि मशीनरी से संबंधित सत्र को संबोधित करते हुए कही।

हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने बताया कि राज्य सरकार ने नई औद्योगिक नीति तैयार करने के लिए 25 सेक्टोरल कमेटियों का गठन किया था। इन समितियों की सिफारिशों के आधार पर पंजाब में उद्योग समर्थक नीति लागू की गई है, जिससे निवेशकों में नया उत्साह पैदा हुआ है।

सड़क कनेक्टिविटी पर सरकार का बड़ा फोकस

उन्होंने कहा कि उद्योगों को बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने के लिए सरकार 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 45 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण करवा रही है। इसके अलावा राज्य में 4700 किलोमीटर ग्रीनफील्ड सड़कों का निर्माण भी किया जा रहा है। सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि जिस तरह पंजाब ने पहले होज़री और कृषि क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई, उसी तरह अब राज्य भारी और कृषि मशीनरी निर्माण के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार की गई नीति

पंजाब के वाणिज्य और उद्योग विभाग के सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने उद्योगों की जरूरतों और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर औद्योगिक नीति तैयार की है। राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर औद्योगिक माहौल देने के लिए कई तरह की सुविधाएं भी प्रदान कर रही है।

सीआईआई लुधियाना चैप्टर के अध्यक्ष उपकार सिंह आहूजा ने कहा कि 1960 के दशक में पंजाब, विशेषकर लुधियाना, होज़री उद्योग का वैश्विक केंद्र था। उसी तरह अब पंजाब भारी और कृषि मशीनरी निर्माण के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बन रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों को विशेष सहयोग देने से इस क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी।

नई तकनीक आधारित कृषि मशीनरी की जरूरत

सोनालिका ट्रैक्टर के प्रतिनिधि अक्षय सांगवान ने कहा कि ट्रैक्टर निर्माण के क्षेत्र में पंजाब दुनिया की तीसरी बड़ी ताकत है। अब जरूरत है कि वैश्विक मांग के अनुसार नई तकनीक आधारित कृषि मशीनरी विकसित की जाए, जिससे लागत और श्रम पर निर्भरता कम हो सके।

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