भोपाल, 23 जनवरी : कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाया जाए। इस बीच, गणतंत्र दिवस समारोह के लिए जारी की गई सूची में भी विजय शाह का नाम शामिल है, और उन्हें रतलाम जिले में इस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह स्थिति उनके विवादास्पद बयानों के संदर्भ में और भी अधिक ध्यान आकर्षित कर रही है।
कांग्रेस पार्टी ने जताई कड़ी आपत्ती
कांग्रेस पार्टी ने विजय शाह के तिरंगा झंडा फहराने समारोह में शामिल होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि विजय शाह जैसे मंत्री, जिन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, रतलाम में तिरंगा झंडा फहराने के योग्य नहीं हैं। कांग्रेस ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताया है, जिसमें एक बेटी का अपमान किया गया है। इस विवाद के बीच, भारतीय जनता पार्टी ने विजय शाह का बचाव करते हुए सरकार के निर्णय का समर्थन किया है, यह दर्शाते हुए कि वे अपने मंत्री के साथ खड़े हैं।
दो सप्ताह का सुप्रीम कोर्ट ने दिया है समय
दरअसल, कर्नल सोफिया कुरैशी के केस में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने मामले की जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंप दी है। मगर मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सुप्रीम कोर्ट ने एमपी सरकार से कहा है कि दो सप्ताह के अंदर विजय शाह पर फैसला लें। साथ ही उन पर मुकदमा चलाने की अनुमति दें।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद, सरकार ने गणतंत्र दिवस समारोह में विजय शाह को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में जब विवाद बढ़ा था, तब विजय शाह ने माफी मांगी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी माफी को अस्वीकार कर दिया। यह स्थिति अब सरकार के लिए एक चुनौती बन गई है, क्योंकि उन्हें यह तय करना है कि इस विवादास्पद व्यक्ति के संबंध में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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