नई दिल्ली, 3 फरवरी : सत्ता में आने के बाद से तालिबान ने महिलाओं से जुड़े कई मामलों पर सख्त पाबंदियां लगा दी हैं। अब इस सूची में गर्भनिरोधक गोलियां भी शामिल हो गई हैं। तालिबान ने जन्म नियंत्रण गोलियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। तालिबान सरकार ने गर्भनिरोधक दवाएं बेचने वाले सभी क्लीनिकों को बंद करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही डॉक्टरों को गर्भनिरोधक लिखने या गर्भपात कराने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी गई है।
महिलाओं पर तालिबान के फरमान का असर
तालिबान शासन के तहत महिलाएं गर्भनिरोधक साधनों तक पहुंच नहीं बना पा रही हैं। पूरे अफगानिस्तान में जन्म नियंत्रण गोलियां उपलब्ध नहीं हैं। डॉक्टरों ने भी इस मामले में हार माननी शुरू कर दी है। इसी बीच, अफगानिस्तान में करीब 80 प्रतिशत महिलाएं कुपोषण का शिकार हैं, जिसका एक बड़ा कारण कम उम्र में अधिक बच्चों को जन्म देना है। महिलाओं में एनीमिया, विटामिन की कमी और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं।
महिला डॉक्टरों और नर्सों की भारी कमी
27 अगस्त 2024 को अफगानिस्तान में तालिबान सत्ता में आया, जिसके बाद 12 वर्ष से अधिक उम्र की लड़कियों और महिलाओं को शिक्षा से वंचित कर दिया गया। इसके अलावा महिलाओं के बाहर निकलने और काम करने पर भी रोक लगा दी गई। इन फैसलों के चलते अस्पतालों में महिला डॉक्टरों और नर्सों की भारी कमी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि कई महिलाओं को घर पर ही बच्चों को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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