चंडीगढ़, 10 मार्च : पंजाब के श्रम मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली सरकार ने निर्माण मजदूरों के हित में बड़ा सुधार करते हुए उनकी अर्जियों के निपटारे की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब इन अर्जियों के निपटारे का समय 165 दिनों से घटाकर केवल 62 दिन कर दिया गया है।
मंत्री ने बताया कि इस कदम के बाद पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के माध्यम से लाभार्थियों को मिलने वाले फायदे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। 1 अप्रैल 2025 से अब तक 45,578 मजदूरों को 146.77 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा पिछली सरकार के अंतिम वर्ष के मुकाबले लगभग 10 गुना अधिक है, जब 4,977 मजदूरों को केवल 14.73 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी।
प्रक्रिया को और तेज करने की तैयारी
पंजाब विधानसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार ने बोर्ड के कामकाज को और अधिक सुचारू बनाया है ताकि पंजीकृत निर्माण मजदूरों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस समय सीमा को आगे घटाकर 45 दिन करने के लिए भी प्रयास कर रही है।
मजदूरों और उनके परिवारों के लिए कई योजनाएं
श्रम मंत्री ने बताया कि बोर्ड निर्माण मजदूरों और उनके परिवारों के सामाजिक सुरक्षा के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रहा है। इनमें बालिका उपहार योजना, एक्स-ग्रेशिया लाइफ कवर, अंतिम संस्कार सहायता, सामान्य सर्जरी सहायता, एलटीसी लाभ, मातृत्व लाभ, विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए सहायता, बीमारी के दौरान सहायता, 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन और पारिवारिक/विधवा पेंशन, बेटियों के विवाह के लिए शगुन योजना तथा मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति शामिल हैं।
मजदूरों से रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील
मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने राज्य के निर्माण मजदूरों से अपील की कि वे बोर्ड के साथ अपना पंजीकरण करवाएं ताकि इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि पंजीकरण से मजदूरों और उनके परिवारों को जरूरत के समय सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता सुनिश्चित होती है।
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