अमृतसर, 6 फरवरी : शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने स्पष्ट कहा है कि 2 दिसंबर 2024 को जारी हुक्मनामे की रोशनी में सुखबीर सिंह बादल के इस्तीफे के बिना उनकी अध्यक्षता में किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है। पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि अकाली दलों के बीच समझौते फलसफे और सिद्धांतों के आधार पर होते हैं, न कि किसी व्यक्ति के निजी विचारों या स्वार्थों के आधार पर।
गुरुद्वारा अंब साहिब की जमीन बेचने का आरोप
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि गुरुद्वारा अंब साहिब के मैनेजर राजिंदर सिंह ने शिरोमणि कमेटी के उच्च अधिकारियों से मिलीभगत कर पिंड सैनीमाजरा की 44 मरले की कीमती जमीन कौड़ियों के भाव बेच दी। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने पत्र जारी कर मैनेजर को यह अधिकार दिया, उनके खिलाफ भी केस दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई छोटा कर्मचारी बिना ऊपर से मिले संरक्षण के इतनी कीमती जमीन सस्ते दामों पर नहीं बेच सकता। आरोप लगाया कि शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष ने पूरी जिम्मेदारी मैनेजर पर डालकर उसे निलंबित कर दिया।
शिरोमणि कमेटी में भ्रष्टाचार का आरोप
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि शिरोमणि कमेटी में कुछ भ्रष्ट अधिकारी गुरु घरों को दान की गई जमीनें बेचकर अपनी जेबें भर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष जांच कराएं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
हरिमंदर साहिब के लाइव प्रसारण पर सवाल
उन्होंने हरिमंदर साहिब से गुरबाणी कीर्तन के लाइव प्रसारण करने वाले चैनल पर भी सवाल उठाए। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि अब प्रबंधकों द्वारा शिरोमणि कमेटी को शिक्षा फंड के लिए कोई राशि नहीं दी जा रही, जो गंभीर चिंता का विषय है।
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