नई दिल्ली, 12 अप्रैल : प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा है कि अब महिला आरक्षण कानून को उसकी वास्तविक भावना के साथ लागू करने का समय आ गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साल 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए तय आरक्षित कोटे के तहत ही कराए जाने चाहिए। संसद के 16 से 18 अप्रैल तक बुलाए गए विशेष सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के फ्लोर लीडरों को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने सभी सदस्यों से महिला आरक्षण कानून में आवश्यक संशोधन पास करने के लिए एकजुट होकर समर्थन देने की अपील की है।
‘नारी शक्ति वंदन कानून’ पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने 11 अप्रैल के पत्र में कहा कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया है कि अब देशभर में महिला आरक्षण कानून, जिसका आधिकारिक नाम ‘नारी शक्ति वंदन कानून’ है, को लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के तहत ही कराए जाने चाहिए। इसके लिए कानून में जरूरी संशोधन लाने की जरूरत बताई गई है।
लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
महिला आरक्षण कानून के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे संसद में महिलाओं की भागीदारी में बड़ा इजाफा होगा। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था 2023 में संविधान संशोधन के जरिए लागू की गई थी। हालांकि, मौजूदा प्रावधानों के अनुसार यह आरक्षण 2027 की जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया के बाद ही लागू होना था।
संशोधन के बिना 2034 तक हो सकती थी देरी
यदि मौजूदा कानून में बदलाव नहीं किया जाता, तो महिला आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता। यही वजह है कि सरकार अब इसे 2029 के चुनावों से लागू करने के लिए संशोधन लाने जा रही है। सरकार ने इन संशोधनों को पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया है, ताकि महिला आरक्षण कानून को समय से लागू किया जा सके और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
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