वैंकूवर, 29 अक्तूबर : तीन साल पहले यूबीसी कैंपस में एक पंजाबी युवक की गोली मारकर हत्या करने वाले बलराज बसरा, इकबाल कांग और उनके गोरे दोस्त बेपाटिस्ट को एक अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों के अपराध कबूल करने के बावजूद, बीसी सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने उन्हें कोई राहत नहीं दी।
तीनों को अपराध करने के बाद हिंसक तरीके अपनाने के लिए पाँच-पाँच साल की सज़ा सुनाई गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इकबाल कंग और बेपाटिस्ट 17 साल की सज़ा के बाद पैरोल के लिए पात्र होंगे, लेकिन बलराज बसरा लगातार 25 साल जेल में रहने के बाद ही पैरोल के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।
जाँच दल की सार्जेंट फ्रैंडा फॉग ने बताया कि विशाल वालिया की हत्या के बाद, आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए अपनी गाड़ी में आग लगा दी और किसी की गाड़ी चुराकर तेज़ रफ़्तार से भाग गए, जिससे कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई। घटना के बाद उनकी गाड़ी रुकने पर रिचमंड पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया। उल्लेखनीय है कि विशाल वालिया तीनों आरोपियों का मित्र था, लेकिन किसी अनबन के चलते उसे योजनाबद्ध तरीके से 17 अक्टूबर 2022 को यूबीसी परिसर में ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई।
यह भी देखें : कनाडा में भारतीय व्यापारी की हत्या, लॉरेंस गिरोह ने ली जिम्मेदारी

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