January 19, 2026

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजरें, रूस के खतरे को लेकर दिया बड़ा बयान

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नजरें, रूस के खतरे...

वॉशिंगटन/कोपेनहेगन, 19 जनवरी : वेनेजुएला के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजरें ग्रीनलैंड पर टिक गई हैं। ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड को लेकर सख्त बयान देते रहे हैं और अब उन्होंने वहां से रूसी खतरे को खत्म करने का इरादा सार्वजनिक रूप से जता दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि डेनमार्क लंबे समय से ग्रीनलैंड से रूस के खतरे को दूर करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक इसमें सफल नहीं हो पाया।

ट्रंप ने लिखा, “नाटो पिछले 20 वर्षों से डेनमार्क से कह रहा है कि उसे रूसी खतरे से निपटना होगा। दुर्भाग्य से अब तक कुछ नहीं किया गया, लेकिन अब समय आ गया है और इस पर जरूर कार्रवाई होगी।”

व्हाइट हाउस और यूरोप की चुप्पी

ट्रंप के इस बयान के बाद फिलहाल व्हाइट हाउस, डेनमार्क सरकार, यूरोपीय संघ और डेनमार्क के विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि ट्रंप पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि वे ग्रीनलैंड का स्वामित्व अमेरिका को दिलाना चाहते हैं।

पहले भी दे चुके हैं धमकी

डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने पहले ही साफ कर दिया है कि ग्रीनलैंड न तो बिकेगा और न ही कभी अमेरिका का हिस्सा बनेगा। इसके बावजूद ट्रंप ने हाल ही में यूरोपीय देशों को चेतावनी दी थी कि अगर ग्रीनलैंड नहीं दिया गया तो वे उन पर भारी टैरिफ लगा सकते हैं। ट्रंप ग्रीनलैंड में रूस और चीन की बढ़ती मौजूदगी को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बता रहे हैं। उनका कहना है कि ग्रीनलैंड नाटो के सुरक्षा समझौते का हिस्सा है और वहां की स्थिति पर अमेरिका की नजर रहना जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया तनाव

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के बयानों ने एक बार फिर अमेरिका, यूरोप और नाटो के बीच संभावित तनाव के संकेत दे दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना जताई जा रही है।