वाशिंगटन, 6 मई : डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने फिलिस्तीन और इजरायल के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद हार्वर्ड विश्वविद्यालय के खिलाफ अपनी कार्रवाई को जारी रखा है। अमेरिकी शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों को अनुसंधान और अन्य वित्तीय सहायता के लिए अरबों डॉलर की धनराशि रोकने का निर्णय लिया है। यह जानकारी विभाग ने सोमवार को हार्वर्ड प्रशासन को दी, जिससे विश्वविद्यालय के लिए वित्तीय चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।
फलीस्तीन समर्थकों पर कार्रवाई करे हार्वर्ड
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रतिबंध तब तक प्रभावी रहेगा जब तक हार्वर्ड प्रशासन ट्रम्प प्रशासन की मांगों को स्वीकार नहीं करता। शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय से परिसर में बढ़ती यहूदी विरोधी भावना, छात्र जाति नीति और ग्रांट प्राप्त करने पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय के बारे में स्पष्टता मांगी है। यह कदम हार्वर्ड के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बन सकता है, क्योंकि विश्वविद्यालय को अपनी नीतियों और दृष्टिकोण को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता हो सकती है।
शिक्षा विभाग की सचिव लिंडा मैकमोहन ने एक पत्र में स्पष्ट किया है कि हार्वर्ड को संघीय सरकार से आर्थिक सहायता नहीं मांगनी चाहिए। यह बयान इस बात का संकेत है कि सरकार विश्वविद्यालयों के प्रति अपनी वित्तीय नीतियों को सख्त करने के लिए तैयार है, विशेषकर जब वे ऐसे मुद्दों पर खड़े होते हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता से जुड़े होते हैं। इस स्थिति में हार्वर्ड को अपने दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता हो सकती है, ताकि वह सरकारी सहायता को बनाए रख सके।
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