यरूशलम, 10 मार्च : नीदरलैंड्स स्थित खोजी पत्रकारिता समूह Bellingcat ने दावा किया है कि हाल ही में सामने आई एक वीडियो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का खंडन करती है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के शुरुआती दिनों में ईरान के एक स्कूल में हुए धमाके के लिए खुद ईरान जिम्मेदार था। इस घटना में 165 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
अमेरिका की भूमिका की ओर इशारा
यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब कई सबूत 28 फरवरी को हुए इस हमले में अमेरिका की संभावित भूमिका की ओर संकेत कर रहे हैं। हमला ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोज़गान के मीनाब इलाके में स्थित रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकाने के पास एक स्कूल को निशाना बनाकर किया गया था।
उपग्रह तस्वीरों से हुआ खुलासा
समाचार एजेंसी Associated Press को दिए एक इंटरव्यू में विशेषज्ञों ने उपग्रह तस्वीरों की जांच का हवाला देते हुए कहा कि स्कूल परिसर पर बम गिराए गए थे। बेलिंगकैट द्वारा साझा की गई वीडियो हमले वाले दिन की मात्र तीन सेकंड की एक छोटी क्लिप है, जिसे ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Mehr News Agency ने रविवार को प्रसारित किया था। वीडियो में एक इमारत पर गोला गिरते हुए दिखाई देता है।
टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल होने का दावा
बेलिंगकैट के शोधकर्ता Trevor Ball ने वीडियो की भू-स्थिति का विश्लेषण किया और पाया कि यह स्कूल के नजदीक का ही दृश्य है। उन्होंने इस्तेमाल किए गए हथियार की पहचान टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल के रूप में की, जिसे आमतौर पर अमेरिका के पास ही माना जाता है। हालांकि युद्ध की स्थिति के कारण किसी स्वतंत्र एजेंसी ने अभी तक घटनास्थल पर जाकर जांच नहीं की है।
ट्रंप ने आरोपों से किया इनकार
शनिवार को एक पत्रकार द्वारा पूछे जाने पर कि क्या स्कूल में हुए विस्फोट के लिए अमेरिका जिम्मेदार है, तो डोनाल्ड ट्रंप ने बिना कोई सबूत पेश किए कहा, “नहीं, मेरे ख्याल से मैंने जो देखा है उसके आधार पर यह हमला ईरान की ओर से ही किया गया था।
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