April 9, 2026

यूके ने बढ़ाई वीज़ा फीस, भारतीय आवेदकों पर बढ़ेगा बोझ

यूके ने बढ़ाई वीज़ा फीस, भारतीय...

नई दिल्ली, 9 अप्रैल : यूनाइटेड किंगडम ने विज़िट, स्टडी और वर्क वीज़ा समेत कई श्रेणियों में फीस बढ़ाने का ऐलान किया है। नई दरें 8 अप्रैल 2026 से लागू हो गई हैं, जिससे बड़ी संख्या में भारतीय आवेदकों पर सीधा असर पड़ने की उम्मीद है। नए ढांचे के तहत 6 महीने तक के शॉर्ट-टर्म विज़िट वीज़ा की फीस 127 पाउंड से बढ़ाकर 135 पाउंड कर दी गई है। लंबी अवधि के वीज़ा में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

  • 2 साल का वीज़ा: 475 से बढ़कर 506 पाउंड
  • 5 साल का वीज़ा: 848 से बढ़कर 903 पाउंड
  • 10 साल का वीज़ा: 1,059 से बढ़कर 1,128 पाउंड

स्टडी और वर्क वीज़ा भी महंगे

भारतीयों द्वारा सबसे ज्यादा लिए जाने वाले वीज़ा भी महंगे हो गए हैं स्टडी वीज़ा: 524 से बढ़कर 558 पाउंड, स्किल्ड वर्कर वीज़ा (3 साल तक): 769 से बढ़कर 819, पाउंड। भारत, यूके जाने वाले छात्रों और कुशल पेशेवरों का एक प्रमुख स्रोत है। ऐसे में यह बढ़ोतरी उन लोगों के लिए अतिरिक्त वित्तीय दबाव पैदा कर सकती है, जो पहले से ही मुद्रा विनिमय दर और विदेश में रहने के ऊंचे खर्चों से जूझ रहे हैं।

डिजिटल इमिग्रेशन सिस्टम का हिस्सा

भारत में ब्रिटिश हाई कमीशन के अनुसार, यह बदलाव एक अधिक “सुव्यवस्थित और डिजिटल इमिग्रेशन प्रणाली” बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। उनका कहना है कि फीस में वैश्विक स्तर पर वृद्धि से सेवाओं को सुरक्षित, मजबूत और कुशल बनाए रखने में मदद मिलेगी। ब्रिटिश मिशन ने आवेदकों को आश्वस्त किया है कि वीज़ा आवेदनों की संख्या पर कोई सीमा नहीं लगाई गई है और अधिकांश आवेदन तय समय के भीतर निपटाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि अधिकतर वीज़ा तीन सप्ताह के सेवा मानक के भीतर जारी किए जाते रहेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब विदेश में पढ़ाई और काम करने के लिए भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे इस बढ़ोतरी का व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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