चंडीगढ़, 10 जनवरी : पंजाब सरकार ने राज्य में जारी ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को और मजबूत करते हुए नशा समस्या की जड़ पर सीधा प्रहार करने का फैसला लिया है। इसके तहत शिक्षा और रोकथाम पर आधारित एक विस्तृत स्कूल-आधारित एक्शन प्रोग्राम लागू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे की चपेट में आने से पहले ही सुरक्षित करना है।
इस मुहिम में स्कूलों और शिक्षकों को नशों के खिलाफ लंबी लड़ाई का पहला सुरक्षा कवच बनाया जा रहा है। मोहाली के फेज़ 3बी1 स्थित ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ में आयोजित क्षमता विकास प्रशिक्षण सत्र में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली की शिक्षा क्रांति के अग्रदूत मनीष सिसोदिया ने शिरकत की।
‘दिमाग के पहरेदार’ तैयार करने का लक्ष्य: सिसोदिया
इस अवसर पर मनीष सिसोदिया ने कहा, “हम सिर्फ गांवों के पहरेदार ही नहीं, बल्कि बच्चों के ‘दिमाग के पहरेदार’ तैयार कर रहे हैं। मकसद यह है कि बच्चा किसी भी दबाव या लालच में आए बिना नशे को स्पष्ट रूप से ‘ना’ कहने की मानसिक ताकत रखे।” अगले शैक्षणिक सत्र से 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को नशों के घातक प्रभावों पर आधारित वैज्ञानिक और नैतिक विशेष पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा, ताकि वे नशे के दुष्परिणामों को समझ सकें।
रोजाना 30 मिनट का ध्यान सत्र
मोहाली से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्कूलों में रोजाना 30 मिनट का मेडिटेशन सत्र शुरू किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों का भावनात्मक संतुलन और मानसिक अनुशासन मजबूत होगा। स्कूलों में लगाए जा रहे गुप्त शिकायत बॉक्स नशा तस्करों की कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे। विद्यार्थी अपनी पहचान गुप्त रखते हुए नशा बेचने वालों या भ्रष्ट अधिकारियों की जानकारी सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे।
अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण देकर मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ के रूप में तैयार किया जा रहा है, ताकि वे बच्चों में नशे के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर सकें।
असली जीत नशामुक्त युवा पीढ़ी होगी: बैंस
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “नशा तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है, लेकिन असली जीत तब होगी जब हमारी युवा पीढ़ी नशों से कोसों दूर रहेगी। इसलिए हम अध्यापकों को इस लड़ाई का अगुवा बना रहे हैं।” इस मौके पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन छात्राओं के गिद्धा से हुआ, जिसके बोलों ने पंजाब को नशामुक्त बनाने का संदेश दिया।

More Stories
ओपन डिजिटल यूनिवर्सिटी नीति को मंजूरी, लहरागागा में मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी
हानिकारक रसायन मिलने पर यहां लगा खांसी की दवा पर प्रतिबंध
पंजाब आएंगे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी